आगरालीक्स…दशहरा पर बन रहे कई शुभ संयोग. ज्योतिषाचार्य डॉ. आशिमा शर्मा से जानिए क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि यानी पांच अक्टूबर को दशहरा यानी विजयादशमी का महापर्व मनाया जाएगा. ज्योतिषीय गणना के अनुसार दशहरा पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम से इस दिन लंकापति रावण का वध कर बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल की थी. ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा के अनुसार दशमी तिथि 4 अक्टूबर को दोपहर दो बजकर 20 मिनट से शुरू होगी जो कि 5 अक्टूबर को 12 बजे समाप्त होगी. 4 अक्टूबर को सुबह दस बजकर 51 मिनट से 5 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 15 तक दशहरा पर श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग रहेगा. इस दौरान विजय मुहूर्त पूर्वाहृन दो बजकर 7 मिनट से दो बजकर 54 मिनट तक यानी 47 मिनट रहेगा. विजयादशमी का पूजन 5 अक्टूबर को पूर्वान्ह एक बजकर 20 मिनट से तीन बजकर 41 मिनट तक यानी दो घंटा 21 मिनट रहेगा.
दशहरा पर बन रहे खास संयोग
ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा के अनुसार दशहरा यानी विजयादशमी पर तीन शुभ योग बन रहे हैं. दशहरा के दिन रवि, सुकर्मा और धृति योग बनने से महत्व दोगुना हो रहा है. इस दिन रवि योग सुबह 06 बजकर 21 मिनट से रात 9 बजकर 15 मिनट तक रहेगा. 04 अक्टूबर को सुकर्मा योग सुबह 11 बजकर 23 मिनट से 5 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. वहीं 5 अक्टूबर को धृति योग सुबह 8 बजकर 21 मिनट से 6 अक्टूबर को 05 बजकर 19 मिनट तक रहेगा.
