आगरालीक्स ….आगरा में जोंस मिल की करोड़ों की जमीन खुदबुर्द करने के मामले में 50 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। आगरा के सबसे बड़े जमीन घोटाले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा द्वारा की जा रही है। अभी चार्जशीट नहीं लगी है।

ये है पूरा प्रकरण
आगरा में यमुना किनारा रोड पर जोंस मिल की जमीन है, जोंस मिल परिवार में बनी एक दुकान में 19 जुलाई 2020 को बम धमाका हुआ, इसकी जांच की गई। इसमें सामने आया कि जोंस मिल की जमीन पर अवैध कब्जा करने के साथ ही लोगों को बेच दी गई है, आगरा के सबसे बड़े जमीन घोटाले की तत्कालीन डीएम प्रभु एन सिंह ने जांच समिति से कराई। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट देने के बाद मैना गेट पथवारी निवासी रज्जौ जैन को बनाया। इस मामले में एक और केस दर्ज किया गया। इसमें रज्जो जैन के साथ ही सरदार कंवलदीप सिंह और बिल्डर हेमेंद्र अग्रवाल उर्फ चुनमुन को आरोपी बनाया गया। पुलिस ने आरोपी बिल्डर को जेल भेज दिया, अन्य ने अग्रिम जमानत ले ली। बिल्डर के परिवार की महिला के प्रार्थना पत्र पर मामले की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई।
50 से अधिक के बयान दर्ज किए गए
जोंस मिल प्रकरण के विवेचक निरीक्षक शिव कुमार का कहना है कि पुलिस प्रशासन के अधिकारी सहित 50 के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। साक्ष्य संकलन चल रहा है।