आगरालीक्स…आगरा में 28 को सीएम योगी. जिन सड़कों से गुजरेंगे, वहां नहीं होंगे गड्ढे. लेकिन शहर में तो गड्ढे ही गड्ढे. डीएम सहित अधिकारी निरीक्षण का दौड़े, क्योंकि नजर घूम गई तो होगी कार्रवाई
आगरा में सीएम योगी 28 नवंबर को आ रहे हैं. सीएम योगी जिस रास्ते से होकर जाएंगे वहां की सड़कों का हाल सुधारने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. सड़कें सुंदर दिखें और गड्ढामुक्त हों इसके लिए डीएम सहित सभी अधिकारियों ने निरीक्षण करना और व्यवस्थाओं का जायजा लेना भी शुरू कर दिया है. आज शुक्रवार को डीएम नवनीत सिंह चहल ने फतेहाबाद सड़क का भौतिक निरीक्षण किया. मौके पर सड़क पर चल रहे सौन्दर्यीकरण गड्ढामुक्त कार्य को गहनता से निरीक्षण किया, साथ ही उपस्थित अधिकारियों को कड़ाई से निर्देश दिये कि सड़क पर जल भराव, नाली की साफ-सफाई का कार्य तत्काल प्रभाव से पूर्ण करें. डीएम के साथ अपर जिलाधिकारी (नगर) अंजनी कुमार सिंह, नगर आयुक्त निखिल टीकाराम फुंडे, अपर नगर मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) दिव्या सिंह तथा लोनिवि मुख्य अभियन्ता पीके शरद सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण मौजूद रहे.
शहर की सड़कों का बुरा हाल
सीएम योगी का जिस रास्ते से आगरा में होकर गुजरेंगे, उस रास्ते को भले ही ठीक और सुंदर कर दिया जाए लेकिन शहर की सड़कों का हाल किसी से छुपा नहीं है. शहर के हाइवे हो या फिर एमजी रोड, मुख्य मार्ग हों या फिर कॉलोनियों और मोहल्लों के रास्ते, सड़कों की खस्ताहालत और गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं. कई जगह किसी न किसी कारणवश सड़क को खोद दिया गया है लेकिन उसके बाद सड़क ठीक नहीं की गई है, जिससे रास्ता तो ऊबड़खाबड़ है ही साथ ही धूल और मिट्टी भी उड़ती है.

जनप्रतिनिधि खुद खोल चुके हैं सड़कों की पोल
आगरा की सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं. सभी सड़कों की हालत बदहाल स्थिति में है. जहां भी काम हुआ है वो काफी घटिया और गुणवत्ताहीन है. गड्ढा मुक्ति अभियान का कार्य आगरा में पूरा नहीं हो सका है. ये कहना है आगरा के जनप्रतिनिधियों का, जिन्होंने खुद कैबिनेट मंत्री के सामने सड़कों की स्थिति की पोल खोली थी. करीब एक सप्ताह पहले कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद आगरा आए और उन्होंने प्रस्तावित कार्य योजनाओं, निर्माणधीन कार्यों तथा गड्ढा मुक्ति अभियान की समीक्षा सर्किट हाउस में की. बैठक में कैबिनेट मंत्री जतिन प्रसाद ने गड्ढा मुक्ति अभियान की समीक्षा की तथा बताया कि गड्ढा मुक्ति हेतु कार्य पूर्ण करने की सरकार द्वारा अब समय सीमा 30 नवम्बर तक कर दी गई है, लेकिन जनपद में अभी तक गड्ढा मुक्ति का कार्य पूर्ण नहीं हो सका है.बैठक में मौजूद जन प्रतिनिधियों ने अपने अपने निर्वाचन क्षेत्रों की सड़कों को बहुत बुरी स्थिति में होना बताया तथा पेच वर्क का कार्य जहां भी हुआ है, वहां बहुत घटिया व गुणवत्ताहीन है. जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की कि सड़कों के लिए बजट को आए एक वर्ष से ज्यादा हो गया लेकिन कार्य अभी कहीं 20 प्रतिशत तो कहीं 30 प्रतिशत ही हुआ है.