आगरालीक्स…आगरा के कारोबारियों ने कर मुक्त आय के स्लैब को 2.5 लाख से बढाकर 5 लाख करने की मांग की. चैंबर ने वित्त मंत्री को भेजा प्री—बजट प्रोपोजल्स
नेशनल चैम्बर आगरा द्वारा प्री-बजट प्रोपोज़ल्स वित्त मंत्री को भेजे गए हैं। जिन्हें वित्त मंत्री कार्यालय द्वारा सम्बंधित अधिकारियों को उचित कार्यवाही हेतु अग्रेषित कर दिया गया है। चैम्बर अध्यक्ष शलभ शर्मा ने बताया कि चैम्बर द्वारा बजट में मांग की गयी है कि कई करों के प्रावधानों में जटिलता है उनको सरल किया जाये। आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन एवं पूर्व अध्यक्ष अनिल वर्मा ने कहा कि प्री-बजट प्रोपोज़ल्स में कई करों की दर में रियायत की मांग की गयी है। करों के दर में रियायत मिलने से उद्योग एवं व्यापार को अधिक लाभ अर्ज़ियत होगा जिससे आर्थिक व सामाजिक हित का सम्बर्धन होगा।

आयकर प्रकोष्ठ की सदस्य सीए प्रार्थना जालान ने बताया कि प्री बजट प्रोपोज़ल्स में कर मुक्त आय के स्लैब को 2.5 लाख से बढाकर 5 लाख करने की मांग की गयी है क्योंकि धारा 87A में मिली रिबेट के कारण 5 लाख तक की आय कर मुक्त हो जाती है। वैसे भी आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग निर्धारित करने के लिए आय का क्राइटेरिया 8 लाख रखा गया है। चैम्बर अध्यक्ष शलभ शर्मा एवं आयकर प्रकोष्ठ के चेयरमैन अनिल वर्मा ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि चैम्बर द्वारा विभिन्न करों की दरों में मांगी गयी रियायतों, कई नियमों में सरलीकरण से उद्योग एवं व्यापार को आशातीत लाभ प्राप्त होंगे। जिसके परिणाम स्वरुप सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान को बढ़ावा मिलेगा।