आगरालीक्स ….आगरा सहित देश भर में 15 प्रतिशत लोग मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसका इलाज मिल जाए तो लोगों की कार्य करने की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।

बीडी जैन कन्या महाविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मैडिविजन आयाम में मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा की गई। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के प्रमुख अधीक्षक डाॅ. दिनेश राठौर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वे 2015 के अनुसार देश की 15ः जनसंख्या छोटी या बड़ी किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रही है। जिसमें देश की 3 प्रतिशत जनसंख्या को गंभीर मानसिक रोग हैं। किंतु मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के अभाव में पीड़ित व्यक्ति परिवार एवं समाज पीड़ितों की बीमारी पहचान नहीं पाते और इसके उपचार हेतु सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रहीं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने से वंचित रहते हैं। मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं के फल स्वरुप व्यक्ति व्यक्ति की मन की शांति, सुख, कार्य क्षमता, व्यक्तिगत संबंध, सामाजिक संबंध, शैक्षणिक प्रदर्शन कार्य क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ता है। शोध के अनुसार मानसिक स्वास्थ्य की समस्या के बोझ के कारण जन.धन की गंभीर हानि होती है। आत्महत्या के कारण होने वाली मृत्यु की संख्या अधिकांश शारीरिक रोगों से अधिक है और पीड़ित युवा होते हैं जिन पर परिवार की जिम्मेदारी होती है ।परिवार, समाज और देश में मानसिक स्वास्थ्यए तनाव तथा इनके निदान आदि के प्रति जनजागृति कर इन दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है। प्रोण् दिनेश राठौर ने मानसिक स्वास्थ्य में नियमित दिनचर्याए व्यायाम एवं योग के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्री मनीषए प्रांत संगठन मंत्रीए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषदए डॉ सिमरन उपाध्यायए प्रांत संयोजक मेडि.विजनए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषदए श्रीमती प्रमिला शर्मा अधिवक्ता आदि रहे। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।