आगरालीक्स…आगरा में कभी बरसात, कभी ओले पड़ने लगते हैं, कभी तेज धूप तो कभी ठंड का अहसास होता है, मौसम का यह अजीब बर्ताव अल-नीनो का असर है, विशेषज्ञों ने बताया पूरा साल अनप्रिडक्टेबल
आगरा में कभी बेमौसम बरसात होने लगती है तो कभी अचानक ओले पड़ने लगते हैं। कभी तेज धूप के साथ गर्म हवाएं तो कभी ठंड का अहसास होने लगता है। लोगों ने पहली बार महसूस किया कि अप्रैल ठंडा बीत गया और मई के महीने में भयंकर गर्मी देखने को मिली। मौसम विज्ञानियों की मानें तो यह एल-नीनो का असर है। समुद्र की सतह का तापमान बढ़ने पर कई वर्षों में ऐसा होता है।
आगरा में पिछले चार-पांच दिनों से सुबह सूरज आग उगलता है और शाम होते-होते अंधड़ बारिश के आसार बन जाते हैं। हवाओं में ठंडक आ जाती है। अचानक यह हवाएं गर्म होने लगती हैं। इस बारे में पर्यावरण वैज्ञानिक, रसायन विज्ञान विभाग, दयालबाग शिक्षण संस्थान डाॅ. रंजीत कुमार से बात की तो उन्होंने चैंकाने वाली बातें बताईं। कहा कि ऐसा एल-नीनो की वजह से है और पूरे साल गर्मी रहने वाली है। मौसम में अनिश्चितता भी रहेगी। मसलन एक पल आपको हवा गर्म लगेगी तो दूसरे ही पल यह अपना रूख बदलकर ठंडक महसूस कराएगी, आसमान में धूप खिलेगी और कुछ ही देर बाद बादलों के साथ बारिश होने लगेगी। नवंबर और दिसंबर के महीनों में भी आप पसीने से तरबतर हो सकते हैं।

क्या है एल-नीनो ?
डाॅ. रंजीत कुमार बताते हैं कि अल नीनो असल में ईएनएसओ क्लाइमेट साइकिल का हिस्सा है। यह भूमध्य रेखा पर पूर्व की दिशा में चलने वाली गर्म हवाएं होती हैं। जो प्रशांत महासागर की सतह को गर्म करती हैं। यह गर्म पानी फिर अमेरिका से एशिया की तरफ बढ़ता है। जैसे-जैसे गर्म पानी तेजी से आगे बढ़ता है गर्मी बढ़ती जाती है। उसकी जगह नीचे से ठंडा पानी आ जाता है फिर वह गर्म होकर आगे बढ़ता है। एल नीनो वाले वर्षों के दौरान मानसून कम भरोसेमंद और कमजोर हो जाता है। एल नीनो को सामान्य से उपर तापमान बढ़ोत्तरी के मुताबिक कमजोर, मध्यम और मजबूत के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
आगरा में क्यों कम हो रही बारिश ?
डाॅ. रंजीत कुमार बताते हैं कि आगरा में बारिश लगातार कम होती जा रही है। हम देखते हैं कि आस-पास के क्षेत्रों में बारिश होती है लेकिन आगरा के आसमान में बादल छाते हैं और बिना बरसे ही लौट जाते हैं। इसकी वजह है यहां हरियाली कम हुई है। इस वर्ष एल-नीनो का असर होने से यह भी अनप्रिडक्टेबल होगी। पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ी अधिक जरूर हो सकती है लेकिन ओवरआॅल कम ही रहेगी। यह संभव है कि कभी भी अचानक बारिश होने लगे।