आगरालीक्स…गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कैसे या किस करवट सोना चाहिए. 9 महीने में कितने अल्ट्रासाउंड कराएं. आगरा में डॉक्टरों ने बताया प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाएं और क्या एक्सरसाइज करें…
गर्भवस्था में गर्भवती बाएं करवट सोएं, इससे गर्भस्थ शिशु में खून का दौरा ठीक रहता है। नौ महीने में चार बार अल्ट्रासाउंड कराएं, जिससे गर्भस्थ शिशु में जन्मजात विकृति होने पर छह महीने तक गर्भपात कराया जा सकता है। गुरुवार को नवदीप हास्पिटल, साकेत कालोनी में आगरा आब्स एंड गायनिक सोसायटी और संस्था पीएसआइ के सहयोग से आयोजित जागरूकता गोष्ठी में गर्भावस्था के दौरान सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया गया।

नवदीप हास्पिटल की निदेशक वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अनुपमा शर्मा ने बताया कि गर्भावस्था में खानपान में थोड़े से बदलाव लाने जरूरी होते हैं इस अवस्था में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा लेनी होती है इसके अलावा आयरन और कैल्शियम की जरूरत बढ़ जाती है विटामिंस की भी जरूरत बढ़ जाती है प्रोटीन ज्यादातर शाकाहारी लोगों में दूध पनीर व दाल इनमें ज्यादा मिलता है मांसाहारी भोजन में और अंडे में प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो शाकाहारी महिलाएं हैं उनका उनको दूध और दाल का सेवन जरूर करना चाहिए विटामिन है वह ज्यादातर फलों में हरी सब्जियों में मिलते हैं उनका सेवन ज्यादा होना चाहिए आयरन और कैल्शियम मिलता है उसका सेवन जरूर होना चाहिए मरीज को हमेशा बाई करवट लेटना चाहिए उससे बच्चे की खून का दौरा ठीक रहता है और पैरों में दर्द कम होता है हल्का-फुल्का व्यायाम जैसे कि टहलना और प्राणायाम करते रहना चाहिए आराम दायक फुटवियर या चप्पल पहनना चाहिए कपड़े भी ऐसे होने चाहिए जिससे किसी प्रकार के एक्सीडेंट होने का डर ना हो और दो टिटनेस के टीके आवश्यक होते हैं।
?पीएसआई की डा. सुनीता भागिया ने बताया कि गर्भावस्था में पहला ट्रामेस्टर तीन महीने का होता है, इस दौरान अल्ट्रासाउंड कराना चाहिए, दूसरे और तीसरे ट्रामेंस्टर और प्रसव से पूर्व अल्ट्रासाउंड कराने चाहिए। जिससे गर्भस्थ शिशु में जन्मजात विकृति होने पर गर्भपात कराया जा सके, अब नए नियम के तहत छह महीने तक गर्भपात कराया जा सकता है। नियमित चेकअप कराना चाहिए। परिवार नियोजन करना चाहिए ।नवदीप हास्पिटल के निदेशक डा. सुनील शर्मा ने बताया कि गर्भावस्था में कब्ज की समस्या भी अधिक देखने को मिलती है, इससे पाइल्स हो जाने की संभावना ज़्यादा हो जाती है। इसे जीवनशैली में बदलाव, नियमित टहलने, खाने में सलाद और फल अधिक शामिल कर दूर किया जा सकता है। गर्भवती को हीमोग्लोबिन पेशाब की जांच शुगर की जांच एचआईवी ऑस्ट्रेलिया एंटीजन वीडीआरएल और थायराइड की जांच करानी चाहिए। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समस्या भी बढ़ी है, 12 साल तक किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन लगवा सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष श्री विवेक द्विवेदी, आनंद प्रकाश शर्मा व उमान फ़ारूक़ी आदि मौजूद रहे।
ये लक्षण हैं तो सतर्क रहें
मिचली और उल्टी होना
हृदय में जलन
कब्ज
बार बार पेशाब आना
जटिलता सूचक लक्षण
बुखार
योनि से स्राव
धड़कन तेज होना, आराम के दौरान भी थकावट होना या सांस तेज चलना
सामान्य रूप से शरीर फूल जाना, चेहरा फूल जाना
पेशाब कम मात्रा में आना
योनि से रक्त स्राव होना
भ्रूण की गति कम होना अथवा नहीं होना यह बच्चे का कम घूमना
योनि द्वार से तरल पदार्थ का रिसाव