आगरालीक्स…2000 के नोट को प्रचलन से बाहर करने के निर्णय पर क्या बोले अर्थशास्त्री, बैंक अधिकारी, सीए और व्यापारी…
आरबीआई द्वारा 2000 के नोट को प्रचलन से बाहर करने के ऐलान के साथ ही बाजार से लेकर घरों तक में हड़कंप मच गया है. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आरबीआई ने 2000 के नोट को एक्सचेंज करने का एक अच्छा खासा समय लोगों को दिया हैं. आरबीआई के निर्देशों के अनुसार आने वाली 23 मई से लोग 2000 रुपये के नोट को बैंकों में जाकर बदल सकते हैं और 30 सितंबर 2023 तक बैंकें 2000 के नोट को बदलने का काम करेंगी. एक बार में 2000 के 10 नोट ही एक्सचेंज कर सकेंगे.

जानिए किसका क्या है कहना
अर्थशास्त्री प्रो. शरदचंद्र भारद्वाज का कहना है कि काफी दिनों से यह नोट बैंको से भी गायब था और करीब 10 से 12 महीने से प्रचलन में ठीक से नहीं था. सरकार को कहीं न कहीं ये लगा है कि चलन से यह इसलिए हटा है क्योंकि इसको इकट्ठा किया जा रहा है. इससे किसी गरीब और मध्यमवर्गीय को तो अंतर नहीं पड़ेगा, जिसके पास ब्लैकमनी है उसको ही फर्क पड़ेगा. कुल मिलाकर ठीक निर्णय है लेकिन बार बार करेंसी को ब्लॉक करना भी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा अच्छा सूचक नहीं है. अगर ब्लैकमनी को लेकर यह निर्णय लिया गया है तो यह अच्छा है लेकिन बार—बार मुद्रा का विमुद्रीकरण अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर नहीं है.
डीजीएस स्टेट बैंक आफ इंडिया (SBIOA) आगरा मॉड्यूल पंकज शर्मा का कहना है कि यह एक बड़े एमाउंट को विदड्रॉ करने के लिए फैसला किया गया है. बड़ा एमाउंट जो कि ब्लैकमनी के रूप में कहीं न कहीं जनरेट होती है. उसको विदड्रॉ करने के लिए ये नोट प्रचलन से बाहर किया जा रहा है. आज की डेट में भी ये नोट बंद नहीं है, 30 सितंबर तक लीगल है. आप अपने एकाउंट में पैसे जमा कर सकते हैं लेकिन अगर आपको एक्सचेंज करना है तो 23 मई से बैंक से आप कर सकते हैं.
सीए प्रार्थना जालान का कहना है कि ब्लैकमनी पर प्रहार करने के लिए कहीं न कहीं ये अच्छा निर्णय है. 2000 के नोट बंद होने से आम आदमी को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी, बैंकों में जमा करने और एक्सचेंज करने के लिए आरबीआई की ओर से 30 सिंतबर तक का समय दिया है जो कि काफी है. लोगों को पैनिक में आने की कोई जरूरत नहीं है. लेकिन यह एक अच्छा स्टेप है.
अग्रवाल संगठन कमला नगर के अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल का कहना है कि निश्चित रूप से ही यह अच्छा निर्णय है. 2000 के नोट को प्रचलन से बाहर करने का जो फैसला है उससे व्यापारी को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी. हम इस फैसले का सम्मान करते हैं. नोट एक्सचेंज करने के लिए भी काफी समय दिया गया है, जिससे किसी को भी कोई अफरातफरी में आने की जरूरत नहीं है.



