आगरालीक्स… श्रावण चार जुलाई से शुरू हो रहे हैं।श्रावण इस बार दो माह का है। पहला सोमवार दो शुभ संयोग के साथ। हर सोमवार का है विशेष महत्व जानिये विस्तार से…

भगवान शिव की आराधना का सर्वश्रेष्ठ समय

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान एवं गुरु रत्न भण्डार वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा कहते हैं भगवान शिव की आराधना का यह सर्वश्रेष्ठ समय है।
*🏵 सावन का पहला सोमवारः
बाधाओं से मुक्ति पाएं
सावन का पहला सोमवार एक साथ दो शुभ योग लेकर आया है। इस दिन धृति योग बन रहा है। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग भी कुछ समय तक रहेगा। माना जाता है कि इस योग में भगवान शिव की पूजा करने से बाधाओं से मुक्ति मिलती है और योजनाओं को पूरा करने में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
नया कार्य लंबे समय तक चलता रहेगा
धृति योग के विषय में माना जाता है कि इस योग में जन्म लेने वाले बच्चे धैर्यवान और ज्ञानी होते हैं। इस योग में अगर कोई काम शुरू करेंगे तो कार्य लंबे समय तक चलता रहेगा। इसलिए नया व्यवसाय और लंबी अवधि की योजनाओं को शुरू करने के लिए सावन का पहला सोमवार उत्तम है*
🏵सावन का दूसरा सोमवारः
शिव से पाएं स्वास्थ्य और बल
सावन का दूसरा सोमवार भी सर्वार्थ सिद्धि योग लेकर आ रहा है। इसके साथ ही इस दिन व्रज नामक योग भी बन रहा है। इस दोनों योगों के कारण सावन का दूसरा सोमवार विशेष फलदायक बन गया है। इस दिन भगवान शिव की पूजा से बल एवं स्वास्थ्य की प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त करें। इस सोमवार के दिन भगवान शिव को भांग, धतूरा एवं शहद अर्पित करना उत्तम फलदायी रहेगा
🏵सावन का तीसरा सोमवारः
शिव मंत्र की सिद्धि करें
सावन का तीसरा सोमवार साध्य योग लेकर आ रहा है। इस योग को साधना और भक्ति के लिए उत्तम माना गया है। शिव भक्त इस दिन भगवान शिव के मंत्रों का जप करके मंत्र सिद्घि प्राप्त कर सकते हैं। माना जाता है कि साध्य योग में भगवान शिव की पूजा करने से कठिन कार्य भी आसानी से बन जाता है
🏵सर्वोत्तम है सावन का चौथा सोमवार : –
इस सोमवार का महत्व और भी बढ़ गया है। शास्त्रों के अनुसार सावन के महीने में प्रदोष व्रत के दिन खासतौर पर सोमवार भी हो तो शिव की पूजा करने से अन्य दिनों की अपेक्षा कई गुणा पुण्य प्राप्त होता है।
शत्रुओं पर मिलती है विजय
इस दिन भक्ति पूर्वक शिव की पूजा करने से शत्रुओं पर विजय मिलती है। कार्य क्षेत्र एवं जीवन के दूसरे क्षेत्रों में आने वाली बाधाओं का निवारण होता है। जीवन पर आने वाले संकट टल जाते हैं। इसके अलावा इस दिन आयुष्मान योग एवं सौभाग्य योग भी बन रहा है। इस शुभ योग में भगवान शिव की पूजा करने से दांपत्य जीवन में आपसी प्रेम और सहयोग बढ़ता है।आर्थिक परेशानियों में कमी आती है तथा जीवन पर आने वाले संकट से भगवान शिव रक्षा करते हैं
बढ़े हुए सोमवारों पर भी इसी प्रकार का फल
🌻 इसी प्रकार से चार और बढे़ हुए सोमवारो जो इस बार श्रावण मास में पढ़ रहे हैं उनका भी फल इन चार सोमवार को की तरह ही माना जाएगा परंतु इस बार अधिक मास के सोमवार में व्रत रखने का फल कई गुना ज्यादा भक्तों को प्राप्त होगा