Tuesday , 21 April 2026
Home अध्यात्म Agra news: Purushottam month from July 16 to August 16, importance of worshiping Lord Vishnu and Shiva, know what to do and what not
अध्यात्मटॉप न्यूज़देश दुनियाबिगलीक्स

Agra news: Purushottam month from July 16 to August 16, importance of worshiping Lord Vishnu and Shiva, know what to do and what not

191

आगरालीक्स… अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) 16 जुलाई से 16 अगस्त तक रहेगा। भगवान विष्णु और शिव की पूजा का है महत्व। अधिक मास में क्या करें, क्या नहीं के साथ विविध जानकारी।

चंद्रमा और सूर्य के बीच संतुलन बनाने आता है मलमास

ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान एवं गुरु रत्न भंडार वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा बताते है कि इस वर्ष 2023 में श्रावण मास में अधिक मास के रूप में पड़ रहा है अधिक मास तीन साल में चंद्रमा और सूर्य के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए आता है। अतः इसे मल मास और पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है।

पुरुषोत्तम मास का महात्म्य

🍁 अधिक मास की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु (भगवान पुरुषोत्तम) ने इसे अपना नाम दिया और कहा है कि अब मै इस मास का स्वामी…

इसे मल मास का नाम क्यों दिया गया

🔷 हिंदू धर्म में अधिकमास के दौरान सभी पवित्र कर्म वर्जित माने गए हैं। माना जाता है कि अतिरिक्त होने के कारण यह मास मलिन होता है। इसलिए इस मास के दौरान हिंदू धर्म के विशिष्ट व्यक्तिगत संस्कार जैसे नामकरण, यज्ञोपवीत, विवाह और सामान्य धार्मिक संस्कार जैसे गृहप्रवेश, नई बहुमूल्य वस्तुओं की खरीदी आदि आमतौर पर नहीं किए जाते हैं। मलिन मानने के कारण ही इस मास का नाम मल मास पड़ गया है।

अधिकमास में फलदायी कर्म

🔷 आमतौर पर अधिकमास में हिंदू श्रद्धालु व्रत- उपवास, पूजा- पाठ, ध्यान, भजन, कीर्तन, मनन को अपनी जीवनचर्या बनाते हैं। पौराणिक सिद्धांतों के अनुसार इस मास के दौरान यज्ञ- हवन के अलावा श्रीमद् देवीभागवत, श्री भागवत पुराण, श्री विष्णु पुराण, भविष्योत्तर पुराण आदि का श्रवण, पठन, मनन विशेष रूप से फलदायी होता है। अधिकमास के अधिष्ठाता भगवान विष्णु हैं, इसीलिए इस पूरे समय में विष्णु मंत्रों का जाप विशेष लाभकारी होता है।

अधिक मास में क्या करें , क्या न करें

🔶शुद्धि और नित्य क्रियाएं – दिन में दो बार स्नान करना चाहिए । यदि बीच में कभी पूजा में बैठ रहे हैं तो तब भी स्नान करना चाहिए । पुरुषों को संध्यावंदन , ब्रह्मयज्ञ , नित्यहोम आदि पूर्ववत करना चाहिए । पूरा महीना ब्रह्मचर्य से रहें (स्त्रीसंग आदि न करें) । विशेष रूप से तुलसीजी को 8 पवित्र नाम पढ़ते हुए नित्य जल चढ़ाना और तुलसीजी के सामने दिया लगाना चाहिए साथ ही साथ आरती भी करनी चाहिए । तुलसीअर्चन (विधी दी गई हैं) भी करना चाहिए ।

🔷 व्रत और उपवास यदि संभव हों तो पूरे पुरुषोत्तम मास में केवल रात्रि में भोजन करना चाहिए परन्तु यदि ऐसा संभव न हों तो कम से कम अमावस्या , पूर्णिमा , दोनों एकादशी और पुरुषोत्तम मास के अंतिम पांच दिवस व्रत पूर्वक रहना चाहिए (विशेष : एकादशी के दिन सामान्य एकादशियों जैसे ही अन्न बिलकुल नहीं खाना चाहिए) ।

🔶 नित्य की स्तुतियाँ और पाठ – नित्य चतुःश्लोकी भागवत , गोपाल सहस्त्रनाम , श्री कृष्णाष्टकम् आदि स्तोत्र का पाठ करना चाहिए । नित्य श्रीमद्भागवत् पढ़ना अथवा सुनना चाहिए । पुरुषोत्तम मास महात्म्य का नित्य पाठ करना चाहिए । कम-से-कम एक घंटे भजन/कीर्तन करना चाहिए ।

🔷 दीपदान , घटदान और कांसे का सम्पुट – मंदिरों और घरों में दीपक लगाने चाहिए (इसीको दीपदान कहते हैं) [ दीपदान में तेल/घी कुछ भी प्रयोग में ला सकते हैं ] । जल से भरे हुए घड़े का और कांसे के सम्पुट में मालपुओं का दान देना चाहिए (पुरुशोत्तम महात्म्य के 31वें अध्याय में बताया गया हैं) ।

🔶 सिनेमा और टेलिविज़न – इस परम् पवित्र मास में सिनेमा और टेलीविज़न का पूर्णतः त्याग करना चाहिए साथ ही साथ सोशल मीडिया में भी कुछ उल्टा-सीधा नहीं देखना/सुनना चाहिए । इस समय को रामायण अथवा भागवतजी पढने/सुनने में लगाना चाहिए ।

🔷 दूरी – झूठ , निंदा और शत्रुता आदि से दूरी बनाकर रखना चाहिए ।

पुरुषोत्तम मास में क्या खाएं

🔷 इस माह कोई भी व्यक्ति यदि गेंहू, चावल, मूंग, जौ, मटर, तिल, ककड़ी, केला, आम, घी, सौंठ, इमली, सेंधा नमक, आंवला आदि का भोजन करें तो उसे जीवन में कम शारीरिक कष्ट होता है। उक्त पदार्थ या उससे बने पदार्थ उसके जीवन में सात्विकता की वृद्धि करते हैं। अत: इस माह उपरोक्त पदार्थों का सेवन अवश्य ही करना चाहिए।

क्या न खाएं

🔶इस माह में उड़द, लहसुन, प्याज, राई, मूली, गाजर, मसूर की दाल, बैंगन, फूल गोभी, पत्ता गोभी, शहद, मांस, मदिरा, धूम्रपान, मादक द्रव्य आदि का सेवन करने से तमोगुण की वृद्धि का असर जीवनपर्यंत रहता है। अत: पुरुषोत्तम मास में इन चीजों का खान-पान वर्जित कहा गया है।

Written by
Agraleaks Team

AgraLeaks is a prominent digital news platform dedicated to delivering timely and reliable news from Agra and the surrounding regions. Established over a decade ago, AgraLeaks has become a trusted source of local journalism, covering a wide range of topics including city news, politics, education, business, sports, health, and cultural events. Its mission is to keep citizens informed and connected with developments that directly impact their community. With a strong focus on hyperlocal reporting, AgraLeaks provides real-time updates on important incidents, civic issues, public events, and government initiatives. Over the years, it has built a reputation for fast reporting and comprehensive coverage, making it one of the most recognized local news portals in Agra. The platform also features regional, national, and international news to offer readers a broader perspective beyond the city. Driven by the principle “Apki Khabar Hamari Nazar” (Your News, Our Watch), AgraLeaks continues to serve as a vital voice of the city, empowering readers with accurate information and strengthening the local media ecosystem through digital journalism.

Related Articles

टॉप न्यूज़

Agra Live News: JEE Main Session 2 results have been released. 26 candidates have scored 100 percentile…#agranews

आगरालीक्स…जेईई मैन्स सेशन 2 का रिजल्ट जारी. 26 कैंडिडेट्स ने हासिल किए...

टॉप न्यूज़

Agra Live News: Agra gripped by a heatwave. Temperature exceeds 42 degrees Celsius for the third consecutive day…#agranews

आगरालीक्स…आगरा लू की चपेट में. लगातार तीसरे दिन तापमान 42 डिग्री सेल्सियस...

देश दुनिया

Tragic Accident: A bus packed with passengers in Jammu plunged 100 meters down from the road. 21 killed

आगरालीक्स…दुखद हादसा, जम्मू में यात्रियों से भरी बस सड़क से 100 मीटर...

आगराटॉप न्यूज़

Agra News : “Jail Chowpatty” Resumes at Gate of District Jail in Agra. What will be special this time?

आगरालीक्स…जेल से रिहाई के बाद पुनर्वास एक चुनौती है, नौकरी तक नहीं...

error: Content is protected !!