आगरालीक्स..’तुम मुझे यूं भुला न पाओगे…जैसे नगमें गाकर अमर हुए मो. रफी की 31 जुलाई को है पुण्यतिथि..आगरा के संगीतप्रेमियों की मांग—रफी की याद में हो एक शाम…
आने से उसके आई बहार, बहारों फूल बरसाओ, आने से उसके आए बहार, दर्दे दिल दर्दे जिगर, मेरी दोस्ती मेरा प्यार जैसे सैकड़ों नगमों को अपनी आवाज से अमर करने वाले प्लेबैक सिंगर मोहम्मद रफी साहब की 31 जुलाई को पुण्यतिथि है. ‘तुम मुझे यूं भुला न पाओगे..गीत के जरिए उन्होंने सच ही कहा है कि उनके गीत इतने सदाबहार हैं कि कोई मो. रफी को भूल ही नहीं सकता.

आगरा के सभी कलाकरों और संगीत प्रेमियों की ओर से ताज महोत्सव समिति के अध्यक्ष व मंडलायुक्त और सचिव व एडीए वीसी से मांग की गई है कि मोहम्मद रफी साहब की याद में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन सूरसदन प्रेक्षागृह में आयोजित किया जाए. आगरा के गीतकार और एक्स फैक्टर फेम करतार सिंह ने मांग की है कि हम सभी कलाकार चाहते हैं कि इनकी याद में एक ऐसी शाम आयोजित की जाए जो कि उन्हें श्रृदांजलि अर्पित करे.