आगरालीक्स…आगरा की सावी अग्रवाल ने 17 साल की उम्र में अमेरिका में कर रही वो काम जो गर्व करने वाला है. आपदा में फंसे लोगों के लिए किया ये काम…
आगरा की रहने वाली 17 साल की सावी अग्रवाल ने अमेरिका में वो काम किया है जिसे जानकर हर कोई सावी की तारीफ कर रहा है. होंडुरस में आपदा आने पर इस 17 साल की लड़की ने न सिर्फ वहां फंसे लोगों की मदद की बल्कि अपने 30 वॉलिंटियर के साथ वहां मुफ्त दवाखाना खोला और लोगों को अच्छे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया. जरूरतमंदों की मदद की और उन्हें स्वस्थ जीवन के तरीके सिखाए. घरों में जाकर औरतों के लिए धुआं रहित चूल्हे बनाए, जिससे उनके फेफड़ों को कोई नुकसान न हो. 17 साल की सावी अग्रवाल के इसी जज्जे का असर ये है कि अमेरिकी न्यूज एजेंसी Fox News ने उसका एक्सक्लूसिव इंटरव्यू भी किया है.

सावी अग्रवाल आगरा में प्रतापनगर अलकापुरी की रहने वाली हैं. सावी के दादा रमेश चंद्र अग्रवाल और दादी संतोष देवी हैं. रमेश चंद्र अग्रवाल के अनुसार सावी के पिता और उनके बेटे राकेश अग्रवाल साफ्टवेयर इंजीनियर है और टेक महिंद्रा में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर है. वह अपने परिवार के साथ अटलांटा अमेरिका में सेटल हैं. सावी अपने माता पिता के साथ अक्सर आगरा आती रहती है.
17 साल की उम्र में जहां बच्चे 12वीं खत्म् कर रहे होते हैं वहां सावी अग्रवाल अमेरिका की टॉप यूनिवर्सिटी जॉर्जिया इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलोजी से बैचलर डिग्री खत्म् करके आगे की तैयारी कर रही हे. सावी ने चार साल का डिग्री कोस दो साल में खत्म किया. दादा रमेशचंद्र के अनुसार सावी में सेवा भाव है और यही कारण है कि वह बचपन से ही लोगों की मदद करती रहती है. सावी अपने इसी सेवा भाव के जुनून में कई देशों की यात्रा भी कर चुकी है. सावी अग्रवाल का एकमात्र उद्देश्य चिकित्सक बनकर समाज के सबसे निचले तबके के लोगों की मदद करना है, जिससे भारत का नाम विश्व में ऊंचा हो. सावी के दादा का कहना है कि सावी अभी डॉक्टर नहीं है लेकिन जहां कहीं आपदा आती है तो वह अपनी संस्था के साथ वहां जाकर नर्स की तरह सेवा करती है अस्पताल में कैंसर के मरीज के उपचार में मदद करती है. सावी इंजीनियरिंग और मेडिकल्स मिलाकर लंग और बोन मैरो पर रिसर्च कर रही है, जिससे वह आगे चल कर इन आर्गन की पैथोलॉजी को समझ सके.