आगरालीक्स…सीपीआर देकर आप भी बचा सकते हैं किसी की जान. वर्कशॉप में स्टूडेंट्स को बताया कैसे दी जाती है सीपीआर. 70 प्रतिशत तक कार्डियक अरेस्ट के मामले इससे हो सकते हैं ठीक
डॉ भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा के छलेसर परिसर स्थित फार्मेसी एवं पैरामेडिकल विज्ञान संस्थान में गुरुवार को कुलपति प्रो आशु रानी की अध्यक्षता में सीपीआर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप के विशिष्ट अतिथि भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी, (Inidan academy of Pediatric, IAP) आगरा के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील अग्रवाल और डॉ ए. पी. गुप्ता रहे और अतिथि प्रशिक्षिका एफ.एच. मेडिकल कॉलेज की शिशु रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ सोनिया भट्ट थी। सीपीआर दिवस प्रति वर्ष 21 जुलाई को मनाया जाता है। आईएपी आगरा, 17 से 24 जुलाई 2023 सीपीआर सप्ताह मना रहा है जिसमे वे आगरा के कई संस्थानों में छात्रों को सीपीआर जैसी बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) प्रशिक्षण सिखा रहें हैं।

सीपीआर एक इमरजेंसी लाइफ सेवर प्रक्रिया है जिसे तब किया जाता है जब दिल धड़कना बंद कर देता है। अस्पताल पहुँचने तक कार्डियक अरेस्ट के 70% तक के मामले सीपीआर प्रक्रिया से ठीक किये जा सकते हैं। इस वर्कशॉप का आयोजन छात्रों में कार्डियक अरेस्ट जैसे आपातकालीन स्तिथि के प्रति जागरुकता बढा़ना और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) प्रशिक्षण देना है। इस वर्ष सीपीआर दिवस की थीम है: “ईच वन कैन सेव अ लाइफ”। डॉ सुनील अग्रवाल ने छात्रों को कार्डियक अरेस्ट और हार्ट अटैक के बीच अंतर समझाया और साथ ही कार्डियक अरेस्ट की पहचान, एवं आपातकालीन चिकित्सा की जानकारी उपलब्ध कराई। उचित एवं समय पर इलाज न मिलने की स्तिथि में उत्पन्न दुष्परिणामों के बारे में भी छात्रों को सचेत किया।
डॉ सोनिया भट्ट ने प्रशिक्षण के सभी नियम और तरीकों की जानकारी दी और सीपीआर प्रक्रिया के “Do’s and Don’t” समझाए। उन्होंने बताया की कार्डियक अरेस्ट किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है और सही समय पर सीपीआर प्रक्रिया न मिलने की अवस्था में जान पर खतरा बन जाता है। सीपीआर वर्कशॉप मे कुल 150 छात्रों को प्रशिक्षण दिया गया और भविष्य में उत्पन्न आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार किया गया। फार्मेसी एवं पैरामेडिकल विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो बृजेश कुमार तिवारी ने सभी अतिथियों का स्वागत कर, सीपीआर प्रक्रिया प्रशिक्षण आयोजित कराने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
कार्यक्रम में फार्मेसी एवं पैरामेडिकल विज्ञान संस्थान के शिक्षक डॉ रवि शेखर शर्मा, डॉ मनोज कुमार यादव, डॉ प्रतिभा मिश्रा, डॉ विजय कुमार यादव, डॉ भूमिका चौधरी, डॉ ज्ञानेंद्र सिंह, डॉ स्वेतलाना, डॉ गौरव रजौरीया, गैर शिक्षक कर्मचारी और विभाग के सभी छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका डॉ प्रतिभा मिश्रा ने किया और विशेष सहयोग छात्र रघु प्रताप सिंह और ऋषभ सिंह ने किया।