आगरालीक्स …आपके बाल भी टूटने लगे हैं, आगरा में अब अब बिना सर्जरी के भी गंजापन दूर हो सकता है। एसएमपी (स्कैल्प माइक्रो पिगमेन्टेशन) ने तनाव के कारण युवाओं में बढ़ रहे गंजेपन की समस्या को काफी हद तक कम कर दिया है। एएएचआरएस (एशियन एसोसिएशन हेयर रेस्टोरेशन सर्जन्स) की बैंकॉक में 20-23 जुलाई तक आयोजित कार्यशाला में आगरा के अमेरिकन बोर्ड सर्टिफाइड डॉ. सत्या सारस्वत व डॉ. प्रीति सारस्वत के तीन रिसर्च पेपर प्रिजेन्टेशन के लिए आमंत्रित किया गया।

डॉ. सत्या सारस्वत ने हेयर ट्रांसप्लांट में 0.64 एमएम (पंच) के सर्जीकल इंस्ट्रूमेंट के प्रयोग करने की विधि प्रस्तुत की। व्याख्यान में बताया कि किस तरह से इन हाइब्रिड पंच से हेयर ट्रांसप्लांट किया जाता है और इसके फायदों के बारे में जानकारी दी। कहा कि लगभग 10 वर्ष पहले 1.2 एमएम के पंच से हेयर ट्रांसप्लांट की शुरूआज हुई थी। जो अब 0.64 एमएम तक आ गई है। इससे निशान कम व रिकवरी जल्दी होती है। साथ ही अमेरिका की एक ट्रांसजेंडर महिला जो स्त्री से पुरुष बनी उसके दाढ़ी मूछ पर हेयर ट्रांसप्लांट की भारत में सफल सर्जरी की काफी सराहना की गई। डॉ. सत्या ने बताया कि पहले से फेल हेयरट्रांसप्लांट कराने के कारण उस व्यक्ति की स्थिति काफी बिगड़ी हुई थी। इसमें काफी समय लगा, लेकिन हम सफल रहे। कार्यशाला मं इसकी काफी सराहना हुई।
वहीं डॉ. प्रीति ने स्कैल्प माइक्रो पिगमेंटेशन (एसएमपी) पर अपना व्याख्यान देते हुए बताया कि अब सर्जरी के बिना भी गंजेपन को दूर किया जा सकता है। कई बार गंजापन अधिक होने से हेयर ट्रांसप्लांट के बाद भी बाल हल्के दिखाई देते है। ऐसी स्थिति में भी एसएमपी विधि काफी कारगर है। बालों के रंगों के अनुसार एसएमपी के लिए मेडिकल क के 32 शेड हैं। डॉ सत्या सारस्वत ने बताया कि दुनिया भर में प्लास्टिक सर्जरी के क्षेत्र में भारत के कार्य को सराहा जा रहा है, हेयर ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में किए गए कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। उनकी इस उपलब्धि पर डॉ. रनवीर त्यागी, डॉ. राजीव पचौरी, डॉ. राकेश त्यागी, डॉ. सचिन गोयल ने बधाई दी है।