आगरालीक्स…साल का पहला पूर्ण सूर्यग्रहण 8 अप्रैल को। कई देशों में चार मिनट अंधेरा। भारत का आदित्य-एल1 पास से निहारेगा। सूतक-पातक के बारे में जानें…
इसरो का आदित्य एल-1 सभी डेटा एकत्रित करेगा

साल 2024 का पहला सूर्य ग्रहण देश के लिए बेहद खास होने वाला है। इसरो का आदित्य एल-1 सैटेलाइट ग्रहण को काफी पास से निहारेगा। इस पल के सभी डेटा को संग्रहित करेगा। इसरो द्वारा छोड़ा गया आदित्य एल-1 साल 2023 में प्रक्षेपित किया गया था और इस साल की शुरुआत में लाग्रेंज पॉइंट-1 पर हेलो कक्षा में प्रवेश कर गया था।
चार मिनट के लिए कई देशों मे छा जाएगा अंधेरा
आठ अप्रैल को पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी के एक सीधी रेखा में रहेंगे और इस दौरान अमेरिका और आसपास के क्षेत्रों में करीब 4 मिनट के लिए अंधेरा छा जाएगा। उत्तरी अमेरिका ,मध्य अमेरिका, ग्रीनलैंड ,आइसलैंड, अजओरस, एंटीगुआ, बरबुडा,बहमास,बेजिल, ब्रिटिश विर्जिन, आइसलैंड, कनाडा, कोलंबिया ,पनामा आदि जगहों से इसे देखा जा सकता है।
चार घंटे 25 मिनट का होगा ग्रहण, 1971 में भी पड़ा था
अप्रैल 2024 को सूर्य ग्रहण रात 09:12 मिनट से मध्य रात्रि 01:25 मिनट तक रहेगा, इस ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 25 मिनट तक होगी। खास बात ये है कि इस साल लगने वाली पूर्ण ग्रहण की अवधि काफी ज्यादा देर की है। इससे पहले ऐसा सूर्य ग्रहण 1971 में दिखा था और आगे भी कई सालों तक ऐसा सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा। इस दौरान चंद्रमा सूर्य को 3 मिनट से ज्यादा के लिए कवर कर लेगा।
खग्रास सूर्यग्रहण का मोझ रात्रि 01:26 पर

श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भंडार वाले ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के मुताबिक भारतीय समय से ग्रहण का स्पर्श रात्रि 10:09 पर होगा और मोक्ष रात्रि 01:26 पर होगा
भारत में नहीं दिखेगा, कोई दोष मान्य नहीं
कंकणाकृति खग्रास सूर्यग्रहण भारत में किसी भी स्थान से कहींसे भी दिखाई नहीं देगा अतः इसके किसी प्रकार के सूतक-पातक दोष स्नान दान पुण्य कर्म यज्ञ नियम यहां भारत में मान्य नहीं होंगे। इसके किसी से नियम कानून मानने की जरूरत नहीं है