आगरालीक्स. आगरा में फ्री सेवा के लिए 44 एंबुलेंस हैं, गर्भवती, प्रसूता नवजात बच्चे के इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस का लाभ उठा सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि 102 नंबर एम्बुलेंस सभी सरकारी अस्पतालों पर खड़ी रहती हैं । इन पर किसी भी मोबाइल नंबर या लैंडलाइन के जरिये कॉल करके सरकारी प्रावधानों के अनुसार 24 घंटे सेवा ले सकते हैं। इस समय औसतन एक दर्जन लाभार्थी प्रतिदिन इस सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं । गर्भवती जब कभी भी प्रसव पूर्व जांच के लिए सरकारी अस्पताल आती हैं तो वह इस सेवा का उपयोग कर सकती हैं । उन्हें यह एम्बुलेंस न केवल घर से अस्पताल तक लाएगी बल्कि घर पर भी वापस छोड़ेगी । सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों को घर ले जाने के लिए भी इस एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाता है । दो साल तक के बच्चे को अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत हो तो सरकारी अस्पताल तक लाने और घर ले जाने के लिए इस सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं ।
नसबंदी सेवा अपना चुकी महिला को घर छोड़ने के लिए भी यह एम्बुलेंस उपयोग में आती है।एम्बुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी डॉ. एसके राहुल ने बताया कि 102 नंबर एम्बुलेंस सेवा एक बेसिक लाइफ सपोर्ट सेवा है और इसमें प्राथमिक देखभाल की सभी सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। इसके पायलट और इमर्जेंसी मेडिकल टेक्निशियन (ईएमटी) प्रशिक्षित होते हैं । गर्भवती और दो साल तक के बीमार बच्चों को एक सरकारी अस्पताल से दूसरे उच्च सरकारी अस्पताल तक ले जाने में भी इस एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाता है । एम्बुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी की देखरेख में जिला महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाह, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछनेरा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद में एम्बुलेंस हेल्प डेस्क भी कार्य करता है । वहां सेवाएं लेने वाली लाभार्थी हेल्प डेस्क की मदद से घर जाने के लिए भी सम्पर्क कर सकती हैं।