आगरालीक्स… आगरा में नारी संरक्षण ग्रह की अधीक्षिका को अरेस्ट कर लिया गया है, उन पर रेड लायट एरिया से पकडी गईं 32 युवतियों को आदेश आने से पहले ही छोड दिया। नारी संरक्षण ग्रह की अधीक्षिका के खिलाफ थाना एत्माउददौला में मुकदमा दर्ज किया गया है।
आगरा के कालिंदी विहार में नारी संरक्षण ग्रह है, यहां रेड लाइट एरिया से पकडी जाने वाली युवतियों को रखा जाता है, इन्हें कोर्ट के आदेश पर ही रिहा किया जाता है। पिछले कुछ समय से नारी संरक्षण ग्रह से युवतियों को आदेश के बिना छोडे जाने की शिकायत मिल रही थी, इसके बाद शासन स्तर से जांच कराई गई, इसमें मामला खुल गया।
67 युवतियों को भेजा था नारी संरक्षण ग्रह
इलाहाबाद के सदर के रेड लाइट एरिया से 67 युवतियां और 37 बच्चों को पकडा गया था, इन्हें आगरा के नारी संरक्षण ग्रह में भेजा गया। यहां से 32 युवतियों को कोर्ट के आदेश से पहले की छोड दिया गया।
अरेस्ट की गई अधीक्षिका ,
नारी संरक्षण ग्रह, आगरा की अधीक्षिका गीता राकेश को अरेस्ट करने के साथ ही थाना एत्माउददौला में मुकदमा दर्ज किया गया है।
ऐसे खुला मामला
कुल 67 संवासनियां भेजी गई थीं। इनके साथ 37 बच्चे थे। 22 संवासनियां पहले छोड़ी गईं। इनके साथ बच्चे भी गए। अब 45 संवासनियां और 11 बच्चे बचे थे। इनमें से 43 संवासनियां और नौ बच्चे छोड़ दिए गए।
संवासनियों ने अपने और अपने माता-पिता के नाम गलत बताए तो एसडीएम इलाहाबाद ने उनकी सही पहचान के लिए डीएनए परीक्षण का आदेश दिया। नारी संरक्षण गृह की अधीक्षक से कहा गया था कि जो लोग खुद को इनके माता-पिता बता रहे हैं, उनके साथ इनके डीएनए का मिलान कराया जाए।
एसडीएम सदर इलाहाबाद ने संवासनियों के बयान दर्ज किए थे। पहली बार पांच मई 2016 को। इसके बाद 18 अप्रैल 2017 को 18 के, 24 अप्रैल को 12 के और 15 अप्रैल को 15 के बयान दर्ज किए।
एसडीएम ने पाया कि संवासनियों द्वारा दो बार दिए गए बयान में अपने और अपने माता-पिता के जो नाम बताए गए, उनमें भिन्नता है। तभी शक हो गया कि उनके पीछे कोई गिरोह लगा है जो उन्हें बहला फुसला रहा है। कालिंदी विहार स्थित नारी संरक्षण गृह के पास रहने वाले लोगों का कहना है कि यहां पिछले दो महीनों से काफी लोग मंडरा रहे थे। वे गाड़ियों में आते थे।
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