आगरालीक्स… नेक काम, आगरा में ताजमहल पर दो साल की बच्ची बेहोश, स्वास्थ्यकर्मी ने मुंह से सांस दी, सीपीआर देकर बचाई जान। ( Health worker save life of two year old girl child with CPR at Taj Mahal )
आगरा में बेलगाम, कर्नाटक से पति पत्नी पनी दो साल की बेटी के साथ ताजमहल घूमने आए थे, ताजमहल में बच्ची अपने माता पिता से अलग हो गई, वह रोने लगी। रोते रोते बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर गई।
मुंह से सांस दी, सीपीआर देकर बचाई जान
ताजमहल के पूर्वी गेस्ट स्थित डिस्पेंसरी में तैनात स्वास्थ्यकर्मी रिंकू बघेल ने बच्ची को चेक किया, उसे मुंह से सांस दी, इसके बाद कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन यानी सीपीआर दी, दोनों हथेली से उसके सीने को दबाया, जिससे उसकी सांस लौट आई। एबुलेंस से बच्ची को शांति मांगलिक अस्पताल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों के रोने पर सांस लेने में समस्या आती है, इससे मष्तिस्क में आक्सीजन की कमी होने लगती है और बच्चा बेहोश हो जाता है। इस दौरान बच्चे को आक्सीजन मिल जानी चाहिए, बच्चे के सांस ना लेने और आक्सीजन ना मिलना घातक हो सकता है।