आगरालीक्स…आगरा में तेजी से फिटनेस फ्रीक हो रहे युवक, गर्ल्स और लेडीज. 1000 से अधिक जिम लेकिन 20% ही सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर. फीमेल्स ट्रेनर न के बराबर. घटनाएं बढ़ी हैं तो उसके पीछे ये रीजन भी.
फिट बॉडी, परफेक्ट टोन और शेपिंग. इन दिनों लोगों की चाह बस यही है. बॉडी टोनिंग के लिए अब तक सिर्फ बॉयज में ही जिमिंग कल्चर नजर आता था लेकिन पिछले एक सालों में सिटी गर्ल्स और लेडीज भी फिटनेस फ्रीक बन रही हैं. इतना ही नहीं 40 प्लस भी अब बीमारियों से दूर रहने और फिटनेस के लिए जिमिंग कल्चर से तेजी से जुड़ रहे हैं.लोगों का कहना है कि वे अब सिर्फ वेटलॉस के लिए नहीं, बल्कि फिट बॉडी के लिए भी जिमिंग कल्चर अपना रहे हैं.
आगरा में 1000 से अधिक जिम लेकिन जिम ट्रेनर 20 प्रतिशत ही सर्टिफाइड
आगरा में औसतन इस समय 1000 से अधिक जिम संचालित हो रही हैं. शहर के किसी पर्टिकुलर एरिया में ही आपको 5 से 6 जिम आपको मिल जाएंगी. बड़ी बात ये है कि जिस तेजी से आगरा में जिमिंग कल्चर बढ़ रहा है, उस तेजी के साथ सर्टिफाइड जिम ट्रेनर्स की संख्या नहीं बढ़ी है. आगरा में इस समय देखा जाए तो केवल 20 प्रतिशत ही जिम ट्रेनर फिटनेस सर्टिफाइड हैं. ये 20 प्रतिशत वो जिम ट्रेनर हैं जिन्होंने बाकायदा फिटनेस ट्रेनर बनने के लिए सर्टिफाइड कोर्स किया हुआ है. 80 प्रतिशत जिम ट्रेनर केवल दो या तीन साल के एक्सपीरियंस से ही अपना काम चला रहे हैं.
जिम में घटनाएं भी बढ़ीं
आगरा की नामी गिरामी जिम में एक महिला ने जिम ट्रेनर व जिम मैनेजर पर केबिन में बुलाकर अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाते हुए थाना हरीपर्वत में मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस आरोपी जिम मैनेजर की तलाश कर रही है. हालांकि जिम संचालक का कहना है कि यह एक साजिश के तहत उनके ब्रांड को खराब करने की कोशिश की गई है. खैर ये साजिश है या फिर हकीकत, पुलिस इसकी जांच कर रही है लेकिन देखा जाए तो आगरा में ऐसा ये कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले आगरा के अस्थि रोग विशेषज्ञ से जुड़ा मामला भी सामने आया था. अस्थि रोग विशेषज्ञ को शक था कि उसकी पत्नी को जिम ट्रेनर ने अपने जाल में फंसा लिया है. जिम ट्रेनर की हत्या के लिए अस्थि रोग विशेषज्ञ ने फिरोजाबाद के बदमाशों को सुपारी दी थी, बदमाश पकड़े गए थे और डॉक्टर को जेल भेज दिया गया था. रुनकता के रहने वाले जिम ट्रेनर पर युवती को ले जाने के आरोप लगाते हुए कई दिनों तक हंगामा हुआ था.
फीमेल्स ट्रेनर न के बराबर
आगरा में पिछले कुछ सालों से या कहें कि कोविड के बाद से सिटी गर्ल्स और लेडीज भी फिटनेस फ्रीक बन रही हैं. सुबह जिम जाना, एक्सरसाइज करना उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया है. इसके अलावा योगा क्लासेस और मेडिटेशन के जरिए भी युवतियां और महिलाएं फिट होने के लिए जुड़ रही हैं. लेकिन दूसरी ओर आगरा में फीमेल्स ट्रेनर न के बराबर हैं. एक या दो जिम में ही आपको फीमेल्स ट्रेनर मिल जाएंगी लेकिन अधिकतर जिम में सिर्फ पुरुष ही जिम ट्रेनर की भूमिका में है.

पर्सनल ट्रेनर की डिमांड भी बढ़ी
आगरा में बढ़ते जिमिंग कल्चर के बीच पर्सनल ट्रेनर की डिमांड भी बढ़ी है. हाई सोसाइटीज में महिलाएं और या पुरुष हर कोई तेजी से अपने को फिट रखने के लिए पर्सनल ट्रेनर भी हायर कर रहे हैं, लेकिन पर्सनल ट्रेनर फिटनेस सर्टिफाइड हैं या नहीं, इसके लिए पूरी तरह से जानकारी नहीं की जाती. फिटनेस एक्सपर्ट की मानें तो आगरा में केवल 20 प्रतिशत ही सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर हैं. इनकी अपनी एक तय मासिक फीस होती है, लेकिन अनसर्टिफाइट ट्रेनर को लोग इसलिए चुन लेते हैं, क्योंकि वो उन्हें कम फीस में उपलब्ध हो जाते हैं. ऐसे में इन 80 प्रतिशत अनसर्टिफाइड ट्रेनर्स की वजह से जो घटनाएं हो जाती हैं, उनके कारण उन 20 प्रतिशत सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर को भी नुकसान झेलना पड़ जाता है.
डायट का भी होता है कोर्स
एक अन्य बात ये भी कि क्या फिटनेस ट्रेनर डायट प्लान तय कर सकता है? इस पर फिटनेस एक्सपर्ट का कहना है कि सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर्स के लिए डायटीशियन और न्यूट्रिशियन के कोर्स भी कराए जाते हैं. इस कोर्स को करने के बाद ही वो डायट के बारे में सही जानकारी दे सकते हैं.