आगरालीक्स…. आगरा में केंद्रीय वित्तीय राज्य मंत्री ने कारोबारियों से कहा कि कहा कि जैसे परिवार की तरक्की के लिए घर में बहू लाते हो, इसी तरह से देश को आगे बढाने के लिए जीएसटी लाया गया है। हो सकता है व्यापारियों को इसमें कुछ मुश्किलें आएं। लेकिन घबराने की जरुरत नहीं। हमसे संवाद करते रहें। धीरे-धीरे सभी दिक्कतों का हल निकाल लिया जाएगा।’ बुधवार को होटल मधुश्री, नुनिहाई में इंजीनियरिंग मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के कार्यक्रम
में शामिल हुए केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने जीएसटी से कोई समस्या न आने के लिए व्यापारियों को आश्वासन दिया। उन्होंने आम भाषा में जीएसटी को समझाते हुए कहा कि जिस तरह परिवार की तरक्की के लिए घर में बहु लाते हो, इसी तरह देश को आगे बढ़ाने को जीएसटी आया है। शुरुआत में एडजस्टमेंट में दिक्कतें आती हैं। लेकिन इसके लिए कोई शादीथोड़े ही तोड़ी जाती है। इसी तरह जीएसटी तो आ गया। अब यह देखना है कि इसकी मुश्किलों का कैसे समाधान होगा।
उन्होंने विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को विश्वास दिलाया कि सरकार चाहती है कि वह लोग अधिकारियों के न्यूनतम हस्तक्षेप से काम करें। जहां तक डीजल इंजन पंप सेट के पुर्जों पर टैक्स की दर घटाने का सवाल है, इसे जीएसटी परिषद में रखा जाएगा। दर की विसंगति को दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुज अग्रवाल ने की। संचालन अतुल कुमार गुप्ता ने किया। अतिथि का परिचय अमित जैन ने पढ़ा। इस दौरान विशिष्ठ अतिथिसांसद चौ. बाबूलाल ने कहा किसान इंजिन 10 वर्ष में एक बार खरीदता है और स्पेयर पार्ट्स बार बार अतः स्पेयर पार्ट्स पर स्लैब कम करें क्योंकि मोदी सरकार किसानों की आय दोगुनी करना चाहती है, विधायक रामप्रताप सिंह चौहान, नगर प्रमुख इंद्रजीत आर्य, मनोज गर्ग, विवेक मित्तल, अमित जिंदल, अखिल बंसल, संजीव गर्ग, अतुल कुमार गुप्ता, संजय गोयल, राजीव गोयल, शलभ गर्ग, मनीष दौनेरिया आदि की उपस्थिति रही। भाजपा नेता केके भारद्वाज, संतोष सिकरवार सहित अन्य ने उनका स्वागत किया।
: आगरा टूरिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने हस्तशिल्प पर टैक्स की दर 12 फीसदी को खत्म करने या फिर पांच फीसदी के दायरे में लाने का अनुरोध किया।
: आगरा मशीनरी एसोसिएशन ने मशीनरी के विभिन्न राज्योंके व्यवसाय को रखा। किसानों की जरुरत को देखते हुए इनकी दर
वैट के समय के अनुसार किए जाने की बात तर्क के साथ रखी।
: आगरा आयरन फाउंडर्स एसोसिएशन ने ढलाई घरों पर टैक्स को ज्यादा कहा। उन्होंने आईटीसी मिलने में आ रही तकनीकी दिक्कत भी रखी।