आगरालीक्स.. आगरा में नवंबर तक नगर निगम के चुनाव होने हैं, ऐसे में मेयर की सीट 20 साल बाद सामान्य होने की संभावना है। वहीं, 90 की जगह 100 वार्ड के लिए चुनाव होंगे, इसके आरक्षण में भी बदलाव किया गया है। इसके लिए नगर निगम द्वारा शासन को परिसीमन की रिपोर्ट भेज दी है। शासन स्तर से आगरा नगर निगम के 100 वार्ड के पार्षद और मेयर के पद के लिए आरक्षण की घोषणा की जाएगी।
आगरा नगर निगम के मेयर
रमेश कांत लवानियां
किशोरी लाल माहौर
बेबी रानी मौर्या
अंजुला माहौर
इंद्रजीत आर्य
भाजपा में सबसे ज्यादा दावेदार
नगर निगम के मेयर की सीट सामान्य होने पर सबसे ज्यादा दावेदार भाजपा में हैं। वैसे भी सालों से आगरा नगर निगम की सीट पर भाजपा का कब्जा रहा है, ऐसे में यूपी में भी भाजपा की सरकार है। इसके चलते मेयर की सीट के लिए भाजपा में कई दावेदार हैं और वे सीट पाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। सामान्य सीट होने के बाद बसपा में भी दावेदार बढ जाएंगे, सोशल इंजीनियरिंग से सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को फायदा होगा। सपा को भी सामान्य वर्ग के प्रत्याशी से लाभ होगा, कांग्रेस आरक्षण की घोषणा के बाद मेयर पद के लिए प्रत्याशी के पत्ते खोलेगी। इस बार नगर निगम के चुनाव रौचक होंगे।
नवंबर तक निकाय चुनाव
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और चुनाव आयोग से कहा है कि वे नवम्बर तक स्थानीय निकायों का चुनाव सम्पन्न करा लें। बुधवार को चुनाव से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने चुनाव की तारीखों के साथ समय सारिणी प्रस्तुत की। इसमें सरकार ने कहा कि चुनाव कराने में देरी परिसीमन आदि को लेकर दाखिल आपत्तियों के कारण हुई है। महाधिवक्ता राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार अपनी तरफ से कार्रवाई पूरी कर चुनाव आयोग को इसकी तारीखें भेज देगी।
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