आगरालीक्स…आगरा में शास्त्रीय संगीत से सजी फाल्गुन की संध्या, बसंत, पीलू राग की प्रस्तुतियों ने किया मंत्रमुग्ध. पंडित जीएल गुणे संगीताश्रम ने आयोजित किया होली मिलन समारोह
राग पीलू, बसंत आदि पर होली की धमार ने मंत्रमुग्ध कर दिया। फिल्मी गानों के बढ़ते चलन से इतर युवा पीढ़ी को शास्त्रीय संगीत से जोड़ते हुए पंडित जीएल गुणे संगीताश्रम ने होली मिलन समारोह का आयोजन किया। सांगीतिक संस्था ‘पंडित जीएल गुणे संगीताश्रम द्वारा रविवार नामनेर स्थित दुर्गा देवी विद्या मंदिर में नगर के कलाकारों का होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांकेलाल द्वारा दीप प्रजलित कर किया गया।
कार्यक्रम का प्रारंभ आचार्य श्री कृष्ण चतुर्वेदी के उद्बोधन के साथ हुआ। इसके बाद संस्था के छात्र-छात्राओं एवं नगर के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियाँ दी गईं। पं मनीष शर्मा , पं देवाशीष गांगुली, पं गजेंद्र चौहान, गौतम तिवारी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से होली के उल्लास में रंग भर दिए। संस्था के निदेशक एवं शास्त्रीय गायक पं सदानंद ब्रह्मभट्ट ने बताया कि संस्था 2008 से निरंतर शास्त्रीय संगीत से युवा पीढ़ी को जोड़ने का कार्य कर रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ में सरस्वती वंदना राग बसंत से छात्र छात्राएं द्वारा प्रस्तुत की गई।
सभी छात्राओं द्वारा राग पीलू में – मोरे कान्हा तू आए पलट के….संस्था के सभी विद्यार्थियों द्वारा होली जा में तोसे ना ही खेलूं होली की प्रस्तुति दी। संस्था की विद्यार्थी हर्ष चेलानी द्वारा सिंधी होली की प्रस्तुति की गई। छात्राओं द्वारा धूम मची है होरी की प्रस्तुति की गई। मधुकर चतुर्वेदी और पंडित सदानंद ब्रह्म भट्ट ने जब धमार की प्रस्तुति दी तो हर कोई झूम उठा। डॉ देवाशीष गांगुली की – खेलत होरी मुरारी, पंडित मनीष शर्मा – मोपे पर रंग ना डारो, विजय गौतम, धीरज सोलंकी, आनंद राठौर, अविरल जैन, कौशल सिंह, माधव शर्मा, हर्ष चेलानी, ध्रुव शर्मा, हिमांशी, काव्या, कार्तिकी लुभानी, आरुषि, कीर्ति आदि छात्र छात्राओं द्वारा विशिष्ट प्रस्तुति दी गई।