आगरालीक्स…आगरा में भगवान नेमिनाथ को अर्पित किया 122 किलो का निर्वाण लाडू. आचार्यसंघ ने हरीपर्वत जैन मंदिर से मंगलविहार कर पीर कल्याणी नसिया जी में किया मंगल प्रवेश
आगरा दिगंबर जैन परिषद के तत्वावधान में आचार्यश्री चैत्यसागर जी महाराज ससंघ का आगरा के श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र पीर कल्याणी नसिया जी में मंगल चातुर्मास होने जा रहा है. इसके लिए 2 जुलाई को आचार्यसंघ ने श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर हरीपर्वत से विशाल शोभायात्रा के साथ मंगल विहार कर अतिशय क्षेत्र पीर कल्याणी नसिया जी में बड़ी संख्या में भक्तों के साथ भव्य मंगल प्रवेश किया. महाराज जी की शोभायात्रा में आगे आगे सिद्धक्षेत्र गिरनार पर्वत की झांकी एवं पीछे पीछे वात्सल्य रत्नाकर आचार्यश्री विमल सागर जी महाराज की झांकी आकर्षण का केंद्र रही और साथ ही भक्त और नगर के प्रबुद्ध लोग आचार्य श्री के साथ चल रहे थे.
आचार्यसंघ के श्री नेमिनाथ दिगंबर जैन मंदिर पहुंचने पर वहां उपस्थित महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर एवं मंदिर परिसर में रंगोली सजाकर आचार्यसंघ का भव्य स्वागत किया. मंगल आगमन के बाद आचार्य श्री के मंगल सानिध्य में 22 तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का निर्वाण कल्याण महोत्सव मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ भक्तों ने आचार्यश्री के मुखारविंद से उच्चारित मंत्रों के साथ मूलनायक भगवान नेमिनाथ की वृहद शांतिधारा के साथ किया. जिसके बाद भक्तों ने आचार्य संघ के सानिध्य में 122 किलो के लाडू को पालकी पर लेकर मानस्तंभ की तीनों परिक्रमा लगाकर निर्वाण काण्ड का वाचनकर जय गिरनार जय नेमिनाथ के नारे लगाते हुए प्रभु नेमिनाथ के समक्ष निर्वाण लाडू अर्पित किया.
महोत्सव के मध्य आचार्यश्री चैत्यसागर जी महाराज ने मंगल उद्बोधन देते हुए कहा कि जैन धर्म के 22 में तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की निर्वाण भूमि सिद्धक्षेत्र गिरनार जी की पांचवी टोंक से मोक्ष गए थे और कहा कि यह हमारा परम सौभाग्य है कि हमें आज भगवान नेमिनाथ का निर्वाण महोत्सव बनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. इस दौरान आगरा दिगंबर जैन परिषद एवं आगरा सकल जैन समाज ने आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया.