आगरालीक्स…आगरा में यमुना खतरे के निशान से नीचे पहुंची, 500 फीट से नीचे पहुंचा जलस्तर. बटेश्वर में हालात खराब
आगरा में यमुना का जलस्तर अब धीरे—धीरे ही सही लेकिन कम होने लगा है. गुरुवार 11 सितंबर को दोपहर तीन बजे प्रशासन की ओर से जारी अपडेट में आगरा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया है. यमुना का जलस्तर 500 फीट से कुछ नीचे 499.7 फीट हो गया है. हालांकि यमुना का जलसतर अभी भी अलर्ट लेवल से अधिक है. यमुना भले ही धीरे—धीरे कम हो रही है लेकिन तबाही के निशान बहुत गहरे दिखाई दे रहे हैं. फसलें बर्बाद हो गई हैं.
बाढ़ से बाह और बटेश्वर मे बेहाल
यमुना की बाढ़ में बटेश्वर के मई, कलींजर, स्याइच, टोका, कल्यानपुर, भरतार गांव घिर गये हैं. गली, घरों तक पानी पहुंच गया है. बाह के बड़ापुरा, बिक्रमपुर घाट, कोट, सुंसार, सिधावली के रास्ते डूब गये हैं. जलमग्न रास्तों का पानी गांव की ओर बढ़ रहा है.बाढ़ के चलते बटेश्वर के ब्रह्मलाल महाराज मंदिर में गले की ऊंचाई तक पानी भरा है. मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी पानी में तैर कर मंदिर तक पहुंचे. ब्रह्मलाल महाराज की श्रंगार पूजा और आरती की. इसके बाद मंदिर में यमुना मैय्या की आरती की. जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि जलमग्न नंदी महाराज के 2 फीट ऊपर यमुना बह रही है. आरती और श्रंगार पूजा के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए गये. मंदिर के प्रबंधक अजय भदौरिया ने बताया कि जब तक ब्रह्मलाल महाराज मंदिर में कालिंदी की तेज जल धारा रहेगी, तब तक मंदिर के पट बंद रहेंगे. उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिर में दर्शन पूजन के लिए न आने की अपील की है.
जान बचाने को गद्दे पर बैठ कर निकले लोग
यमुना की बाढ़ में फंसे बटेश्वर के कई परिवार रैग्जीन चढ़े फोम के गद्दे की नाव बना कर अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए निकल रहे हैं. मुन्नी देवी, बसंती देवी अपने बच्चों के साथ घर की जरूरतें पूरी करने के लिए निकले. पूछने पर बोली कि बाढ़ में हुए घर के नुकसान को देखने और जरूरत का सामान लेने के लिए गद्दे की नाव का सहारा लिया है. अभी तक प्रशासन से कोई भी मदद नहीं मिली है.