आगरालीक्स…गोपाष्टमी 30 अक्टूबर को मनाई जाएगी. गाय और बछड़ों की पूजा करने की पंरपरा. जानें क्यों मनाया जाता है यह पर्व
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को गोपाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गाय और उनके बछड़ों की पूजा करने की परंपरा है। वैसे तो ये पर्व पूरे देश में मनाते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश के मथुरा, वृंदावन आदि क्षेत्रों में इसकी मान्यता सबसे अधिक होती है। इस पर्व से जुड़ी कईं मान्यताएं और परंपराएं भी हैं जो इसे और भी खास बनाती हैं।
गोपाष्टमी 2025 तिथि
पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 29 अक्टूबर, बुधवार की सबह 09 बजकर 23 मिनट से शुरू होगी जो 30 अक्टूबर, गुरुवार को सुबह 10 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। अतः उदया तिथि के हिसाब से 30 अक्टूबर दिन बुधवार को ही कोही गोपाष्टमी का पर्व पूरे भारतवर्ष में मान्य होगा इस दिन कई शुभ योग भी बनेंगे, जिससे चलते ये पर्व और भी अधिक शुभ फल देने वाला रहेगा। इस दिन श्रवण नक्षत्र शूलयोग और बव करण तीन विशेष योग मान्य होंगे।
गोपाष्टमी 2025 पूजा का शुभ मुहूर्त
सुबह 07:58 से 09:22 तक
सुबह 10:46 से दोपहर 12:10 तक
दोपहर 02:58 से शाम 04:22 तक
शाम 04:22 से 05:46 तक
इस विधि से करें गोपाष्टमी की पूजा:
29 अक्टूबर, बुधवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद हाथ में जल-चावल और फूल लेकर व्रत-पूजा का संकल्प लें। शुभ मुहूर्त में दूध देने वाली गाय और बछडे़ की पूजा करें।
गाय और बछड़े को चंदन से तिलक लगाएं, फूलों की माला पहनाएं। एक बर्तन में पानी लेकर इसमें थोड़े से चावल, सफेद तिल और फूल मिलाकर गाए के पैरों पर डालें और ये मंत्र बोलें-
क्षीरोदार्णवसम्भूते सुरासुरनमस्कृते।
सर्वदेवमये मातर्गृहाणार्घ्य नमो नम:॥
इसके बाद गाय को तरह-तरह की चीजें और पकवान आदि खिलाएं। गौ माता के पैर छूकर घर की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना करें। पूजा के बाद गौ माता की आरती करें।
क्यों मनाते हैं गोपाष्टमी पर्व?
प्रचलित कथा के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण छोटे थे, तब उन्होंने अपने दोस्तों को जंगल में गाय चराने जाते हुए देखा तो वे भी जंगल में जाने की जिद करने लगे। तब माता यशोदा ने शुभ मुहूर्त निकलवा कर कान्हा से गायों की पूजा करवाई और इसके बाद ही उन्हें गाय चराने के लिए जंगल भेजा। उस दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि थी। तभी से इस तिथि पर गोपाष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य परम पूज्य गुरुदेव पंडित हृदय रंजन शर्मा अध्यक्ष श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान गुरु रत्न भण्डार वाले पुरानी कोतवाली सर्राफा बाजार अलीगढ़ यूपी.9756402981,7500048250