आगरालीक्स…भगवान नेमीनाथ और आचार्य विमल सागर जी के अतिशय क्षेत्र कोसमा में 21 नवंबर से होगा पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव.
भगवान नेमीनाथ स्वामी और आचार्य विमल सागर जी महाराज के अतिशय क्षेत्र कोसमा (जलेसर) की पावन भूमि पर आचार्य चैत्य सागर जी महाराज के आशीर्वाद से 46 हजार वर्ग फुट के विशाल रमणीय परिसर में अरिष्टनिवारक श्री चंद्रप्रभ दिगंबर जैन नवग्रह मंदिर के रूप में अलौकिक वात्सल्य नवोदय तीर्थ तैयार हो गया है। यहाँ पूज्य आचार्य चैत्य सागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में 21 नवंबर से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव का दिव्य आयोजन किया जाएगा.. यह जानकारी देते हुए मंगलवार को कमला नगर स्थित होटल पार्कलेन में आयोजकों द्वारा कार्यक्रम विवरण पत्रिका जारी कर आगरा व जलेसरवासियों सहित सभी भक्त श्रद्धालुओं को भाव भरा निमंत्रण दिया गया।
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समिति के संयोजक पूर्व पार्षद उमेश जैन ‘नॉटी’ ने इस अवसर पर सभी भक्त श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए कहा कि जंगल में मंगल हो रहा है। कोसमा की पुण्य प्रदाता अतिशय भूमि पर धार्मिक अनुष्ठान के रूप में तीर्थ महाकुंभ का अतिशय देखने के लिए वात्सल्य नवोदय तीर्थ पधार कर धर्म लाभ अर्जित करें। अध्यक्ष सुशील जैन व सहअध्यक्ष सुनील जैन ने बताया कि महोत्सव में डॉ. आनंद प्रकाश शास्त्री (कोलकाता) प्रतिष्ठाचार्य की भूमिका का निर्वाह करेंगे। 21 से 27 नवंबर तक हर दिन सुबह 8:00 बजे से रात 7:00 बजे तक विभिन्न अनुष्ठान होंगे।
महामंत्री पंकज भुज ने बताया कि 21 नवंबर को घट यात्रा एवं अन्य कार्यक्रम, 22 नवंबर को ध्वजारोहण पूर्वार्द्ध महायज्ञ, 23 नवंबर को गर्भकल्याणक उत्तरार्द्ध, 24 नवंबर को जन्म कल्याणक, 25 नवंबर को तप कल्याणक, 26 नवंबर को केवलज्ञान कल्याणक और 27 नवंबर को निर्वाण कल्याणक (रथ यात्रा) का दिव्य आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव के मुख्य संयोजक सुभाष पाटनी (जयपुर) ने बताया कि जैन धर्म के 22 वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ के अतिशय क्षेत्र कोसमा (जलेसर) में 110 वर्ष पूर्व आचार्य विमल सागर जी महाराज का जन्म हुआ था। इन्हीं के शिष्य से आचार्य चैत्य सागर जी ने अपने गुरु को समर्पित कोसमा गाँव के उत्थान करने का बीड़ा उठाया। इसी गाँव में उनके गुरु आचार्य विमल सागर लोगों को मंत्र पढ़कर जो भी वस्तु दे देते थे, वह दवा बन जाता था। उनके समय से ही वहाँ एक छोटा सा दवा खाना था। इस दवाखाने से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने की दृष्टि से आचार्य चैत्य सागर ने इसको अति विशाल वात्सल्य आरोग्यधाम के रूप में साकार कर दिया जहाँ वर्ष 2018 से निरंतर सैंकड़ों लोग स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। अब यही सर्जिकल ऑपरेशंस और डायलिसिस की सुविधा के लिए एक भवन बन रहा है। यहीं पास में संत निवास तैयार हो चुका है और अब यहीं भव्य और विशाल जिनालय तैयार हुआ है जिसका पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।
यह भी रहे शामिल
इस दौरान कार्याध्यक्ष राजेंद्र जैन एडवोकेट, सह कोषाध्यक्ष अनंत जैन, रवीन्द्र बज (जयपुर), पूर्व डिप्टी मेयर अशोक जैन, सुधीर जैन, निर्मल जैन, अशोक जैन एत्मादपुर, रमेश चंद जी राशन वाले, मनोज बाकलीवाल, सुशील जैन मास्टर साब भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।