आगरालीक्स आगरा में विजिलेंस इंस्पेक्टर ने बिल्डर को मृत दर्शा दिया, बिल्डर पर निगम की जमीन पर दुकानें बनाने पर दर्ज हुआ था भ्रष्टाचार, कूट रचित दस्तावेज के मामले में मुकदमा दर्ज।
नूरी गेट के रहने वाले बिल्डर देवेंद्र अग्रवाल ने साल 2004 में फव्वारा में 20 से अधिक दुकानें बनाईं थीं, आरोप था कि इनमें से कुछ दुकानें नगर निगम की जमीन पर बनाई गईं थी। इसकी शिकायत शासन में की गई, शासन के निर्देश पर विजिलेंस ने जांच की और विजिलेंस की तरफ से कोतवाली थाने में साल 2006 में भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी, कूटरचित प्रपत्र बनाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया।
बिल्डर को दर्शा दिया मृत
इस मामले में 18 आरोपी बनाए गए, विवेचना विजिलेंस इंस्पेक्टर अभय सिंह को दी गई। उन्होंने 2015 में विजिलेंस मुख्यालय में अंतिम आख्या प्रेषित की। इसमें बिल्डर अभय सिंह को मृत दर्शा दिया। साल 2022 तक सभी 17 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया, लेकिन विवेचना बंद नहीं हुई।
बिल्डर जिंदा और दर्शा दिया मृत, मुकदमा
इस मामले की विवेचना में सामने आया कि बिल्डर देवेंद्र अग्रवाल जिंदा है। इंस्पेक्टर अभय सिंह भी रिटायर हो चुके हैं, जांच में सामने आया कि इंस्पेक्टर ने बिल्डर देवेंद्र अग्रवाल के घर के आस पास के लोगों से पूछताछ नहीं की। नगर निगम के कमीन गणेश नारायन के बयान दर्ज कर बिल्डर देवेंद्र अग्रवाल को मृत दर्शा दिया। इस मामले में 28 फरवरी 2017 में रिटायर हो चुके इंस्पेक्टर अभय सिंह वर्तमान में आरके पुरम ताजनगरी फेस टू में रह रहे हैं।
एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा के अनुसार, तत्कालीन विवेचन अभय सिंह के खिलाफ विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।