आगरालीक्स…आगरा में डीएम ने लंबित मुकदमों पर जताई सख्ती..महिलाओं, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट मामलों में तेजी से पैरवी कर प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश..गवाहों की कम उपस्थिति पर जिलाधिकारी नाराज
जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्य की माह अप्रैल की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में संयुक्त निदेशक अभियोजन व डीजीसी (अपराध)द्वारा जनपद के अभियोजन कार्य का शीर्षकवार विवरण प्रस्तुत किया गया, जिसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989के अंतर्गत अभियोजित वादों तथा पीड़ित को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति, उत्तर प्रदेश गिरोहबंद अधिनियम एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप (निवारण) अधिनियम 1986 के अभियोजित वाद, महिलाओं के विरुद्ध घटित होने वाले लैंगिक अपराधों, पाक्सो अधिनियम, शमन और वारंट के तामीला, साक्षियों के परीक्षण, दोषमुक्त हुए वादों, अभियोजन संवर्ग व डीजीसी संवर्ग में निस्तारित वादों की समीक्षा की गई।बैठक में सर्व प्रथम अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के अंतर्गत अभियोजित वादों तथा पीड़ित को दी जाने वाली क्षतिपूर्ति के मामलों की समीक्षा की गई जिसमें बताया गया कि एससी,एसटी एक्ट में कुल 06 वाद दायर हुए हैं, माह के प्रारम्भ में लम्बित वाद 1570, अप्रैल में दायर वाद 06 कुल 1576 में निर्णीत 04, 02 में सजा,01 में रिहाई, दाखिल दफ्तर शून्य हैं। उत्तर प्रदेश गिरोहबंद अधिनियम एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप (निवारण) अधिनियम 1986 के अंतर्गत माह के प्रारम्भ में लम्बित वाद 1738, अप्रैल में दायर वाद 07 कुल 1745 में निर्णीत 04, 01 में सजा,03 में रिहाई, 03 दाखिल दफ्तर हैं।
बैठक में महिलाओं के विरुद्ध घटित होने वाले अपराधों के वादों की समीक्षा की गई जिसमें बताया गया कि माह के प्रारम्भ में लम्बित वाद 6007, अप्रैल में दायर वाद 90 कुल 6097 में निर्णीत 51, 14 में सजा व दोषसिद्ध, 37 में दोषमुक्ति रिहाई, दाखिल दफ्तर शून्य हैं, जिलाधिकारी महोदय ने निस्तारित दहेज मृत्यु केस में दोष मुक्त किए जाने पर संबंधित वादों की विवेचना व साक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित को दिशा निर्देश दिए। बैठक में पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत अभियोजित वादों की समीक्षा की गई जिसमें बताया गया कि माह के प्रारम्भ में लम्बित वाद 2612, अप्रैल में दायर वाद 18, कुल 2630 में निर्णीत 33, 10 में सजा,23 में रिहाई, दाखिल दफ्तर शून्य हैं, जिलाधिकारी ने पक्षद्रोहिता के आधार पर, संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त किए गये मामलों की विस्तार से समीक्षा की तथा सम्बन्धित को निर्देश दिए।
बैठक में समन तथा वारंट के तामीला की समीक्षा की गई, तामीला की स्थिति संतुष्टिजनक न होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित से जवाब तलब किया तथा पुलिस से समन्वय कर स्थिति में सुधार के निर्देश दिए। बैठक में न्यायालयों में कितने साक्षी बुलाए गए, कितने उपस्थित हुए कितने परीक्षित हुए तथा बिना परीक्षित वापस लौटे साक्षियों के बारे में प्रत्येक अभियोजक/प्रॉसिक्यूटर से जवाब तलब किया, जिसमें वर्ष 1999 के केस में 08 गवाहों में 02 परीक्षित व 06 अपरीक्षित होने पर सम्बन्धित प्रॉसिक्यूटर विवेक सेन से जानकारी ली, अपरीक्षित गवाहों के बारे में वह कोई संतुष्टिजनक जानकारी नहीं दे सके, जिलाधिकारी महोदय ने सम्बन्धित को तदसम्बन्धी शो-कॉज नोटिस दने के निर्देश दिए,बैठक में अभियोजन संवर्ग व डीजीसी संवर्ग में लम्बित पुराने मुकदमों की समीक्षा की, जिसमें बताया गया कि अभियोजन संवर्ग सत्र न्यायालय में 501 गवाहों की संख्या उपस्थिति हेतु अपेक्षित थी जिनमें 71 ही गवाह पेश हुए, 68 का परीक्षण हुआ, अपरीक्षित गवाहों की संख्या 03 है, डीजीसी संवर्ग में कुल 966 गवाहों की संख्या उपस्थिति हेतु अपेक्षित थी, जिनमें 562 ही गवाह पेश हुए, 546 का परीक्षण हुआ, अपरीक्षित गवाहों की संख्या 16 है, इसी प्रकार अधीनस्थ न्यायालयों में कुल 1445 गवाहों की संख्या उपस्थिति हेतु अपेक्षित थी जिनमें 670 ही गवाह पेश हुए,652 का परीक्षण हुआ, अपरीक्षित गवाहों की संख्या 18 है, जिलाधिकारी ने इस स्थिति पर संबंधित से कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा पुलिस, पैरोकार के माध्यम से प्रभावी कदम उठाने थानों से समन भेजने के निर्देश दिए तथा गवाह की मृत्यु या अन्य कारकों आदि की जानकारी कर गवाह न आने के कारणों को आगामी बैठक में स्पष्ट करने हेतु निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने विगत बैठक में दिए निर्देशों की अनुपालन आख्या तलब की, जिसमें डीजीसी संवर्ग व अभियोजन संवर्ग में सबसे पुराने मुकदमों की जानकारी ली तथा आगामी बैठक में दोनों संवर्ग यथा एसपीओ,पीओ,एपीओ व डीजीसी,एडीजीसी स्तर पर 05-05 सबसे पुराने लंबित मुकदमों की कारण सहित,लंबित मुकदमों के निस्तारण हेतु किए गए प्रयास आदि का विवरण की जानकारी कर सम्बन्धित से जवाब तलब किया तथा निर्देश दिए कि जो गवाह आए हैं उन सभी का परीक्षण सुनिश्चित किया जाए,और एक भी गवाह बिना परीक्षण के लौटकर नहीं जाना चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने वर्ष-2000 से पूर्व के सभी वादों को सूचीबद्ध कर प्रभावी पैरवी कर निस्तारण कराने तथा उक्त हेतु किए गये प्रयासों को आगामी बैठक में प्रस्तुत करने एवं 2000 ई0 से पूर्व के मुकदमों में प्रभावी गवाहों की उपस्थिति, परीक्षण आदि की प्रभावी पैरवी कर सभी वादों का निस्तारण करा शून्य करने तथा आगामी बैठक से वर्ष-2000 से 2010 व 2010 से 2020 के सभी लम्बित मुकदमों को निस्तारण कराने हेतु तैयारी करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी द्वारा यह निर्देशित किया गया कि प्रतिदिन किये जाने वाले कार्यों की ई-प्रासीक्यूशन पोर्टल पर फीडिंग अवश्य की जाए तथा इसमें आने वाली समस्याओं से मुख्यालय को अवगत कराते हुए निराकरण किया जाए। गैंगस्टर,पॉक्सों, एससी एसटी एक्ट इत्यादि में दोषमुक्त हुए मुकदमों में तुरन्त अपील करने हेतु पुलिस, प्रॉसिक्यूशन तथा प्रशासन की संयुक्त समिति के समक्ष प्रस्तुत कर केस का परीक्षण कर यदि वाद अपील करने योग्य है तो तुरंत अपील करने की प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी महोदय ने अभियोजन संवर्ग के अभियोजकों के प्रत्येक माह के क्रमिक तथा प्रतिमाह किए गये केस डिस्पोजल, कितने लम्बित तथा लम्बित मुकदमों की प्रभावी पैरवी में किए गये प्रयास आदि की भी पूर्ण व तथ्यात्मक जानकारी आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित अभियोजक व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ताओं द्वारा विभिन्न विचाराधीन मुकदमों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि मुकदमों के निस्तारण में पुलिस व किस प्रकार की बाधाएं आ रही है, जिसके कारण मुकदमों के निस्तारण में विलंब हो रहा है। जिलाधिकारी ने उक्त सभी कठिनाईयों को भी बैठक के कार्यवृत्त में शामिल करने के निर्देश दिए, जिससे कि उनका समाधान कर, वादों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी महोदय ने महिलाओं के विरूद्ध लैंगिक अपराध के मामलों, पाक्सो एक्ट, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति (अत्याचार निवारण), दहेज मृत्यु आदि मे समयबद्व कार्यवाही कर शीघ्रता से दोषियों को सजा दिलवाने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान, संयुक्त निदेशक अभियोजन घनश्याम गुप्ता, डीजीसी अपराध राधा कृष्ण गुप्ता, एडिशनल डीसीपी हिमांशु गौरव सहित संबंधित मौजूद रहे।