आगरालीक्स…आगरा के सीताराम मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा में गिरिराज पूजन एवं छप्पन भोग महोत्सव हुआ. उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, कृष्ण भक्ति में सराबोर हुए श्रद्धालु
पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के पंचम दिवस भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, यमलार्जुन मुक्ति एवं श्री गिरिराज पूजन के दिव्य प्रसंगों का रसपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास भागवताचार्य पूज्य श्री चैतन्य हरिचरत जी महाराज ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को कृष्ण भक्ति के रस में सराबोर कर दिया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं भक्त और भगवान के प्रेम का अद्भुत उदाहरण हैं। माखन चोरी की लीला के माध्यम से भगवान यह संदेश देते हैं कि वे अपने भक्तों के निर्मल, निष्कपट और प्रेममय हृदय को ही स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस हृदय में अहंकार, द्वेष और छल नहीं होता, वहां स्वयं भगवान का वास होता है।यमलार्जुन मुक्ति प्रसंग का वर्णन करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान की कृपा से जीवन के समस्त बंधन समाप्त हो जाते हैं। नलकूबर और मणिग्रीव का उद्धार यह दर्शाता है कि संतों के आशीर्वाद और भगवान की करुणा से पतित से पतित व्यक्ति का भी कल्याण संभव है। श्री गिरिराज पूजन की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार का नाश कर प्रकृति, गौसंवर्धन और लोककल्याण का संदेश दिया। गिरिराज महाराज साक्षात भगवान का स्वरूप हैं और उनकी पूजा से जीवन में सुख, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से पर्यावरण संरक्षण और गौसेवा को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने गिरिराज पूजन किया तथा भगवान को अन्नकूट एवं छप्पन भोग अर्पित किया। विविध व्यंजनों और मिष्ठानों से सुसज्जित छप्पन भोग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कथा के मुख्य यजमान निरंजन लाल सारस्वत एवं आशा सारस्वत रहे। दैनिक यजमान धर्मेंद्र गर्ग बॉबी एवं नीलम गर्ग, सूरज तिवारी एवं शिल्पी तिवारी तथा अरविंद गर्ग रहे, जिन्होंने व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्वी जोन के डीसीपी अभिषेक अग्रवाल रहे। उनका स्वागत अरुण उपाध्याय एवं ममता उपाध्याय द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि ने कथा एवं धार्मिक आयोजनों को भारतीय संस्कृति और संस्कारों को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। इस अवसर पर महंत अनंत उपाध्याय, मुकेश शर्मा, पंकज शास्त्री, विकास शर्मा, श्रीकिशन गोयल, योगेंद्र सिंघल, रोहित गर्ग, आयुष उपाध्याय, शेखर गोयल, दीपक गुप्ता, शिप्रा गुप्ता, रेणु गोयल, विनीत सिंघल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक मनीष अग्रवाल ने बताया कि कथा के आगामी दिवस पर रासलीला, कंस वध एवं श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह महोत्सव के दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।