आगरालीक्स…बुधादित्य योग के शुभ संयोग मे 24 जून को मनाई जाएगी बटुक भैरव जयंती. बटुक भैरव को माना जाता है भगवान शिव का रौद्र अवतार…जानिए पूजा आदि सहित पूरी जानकारी
इस वर्ष बटुक भैरव जयंती 24 जून 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान शिव के रौद्र अवतार बटुक भैरव का प्राकट्य दिवस मनाया जाता है। पं. हृदय रंजन शर्मा बताते हैं कि बटुक भैरव को तंत्र-मंत्र के अधिष्ठाता और काल के नियंत्रक माना जाता है। इनकी उपासना से शत्रु बाधा, तंत्र बाधा, भय, रोग और आकस्मिक संकटों से मुक्ति मिलती है। विशेषकर बच्चों की रक्षा, ग्रह दोष निवारण और कोर्ट-कचहरी के मामलों में बटुक भैरव की पूजा अचूक मानी गई है।निशिता काल पूजा: 24 जून की देर रात्रि 12:05 से 12:45 बजे तक श्रेष्ठ
दिन में पूजा: प्रातः 6:00 से 9:00 बजे तक
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार बटुक भैरव की पूजा रात्रि में करना अधिक फलदायी होता है क्योंकि इन्हें "रात्रि के राजा" कहा जाता है। भोग: बटुक भैरव को उड़द के बड़े, जलेबी, काले तिल और सरसों के तेल का दीपक प्रिय है।
मंत्र: "ॐ बटुक भैरवाय नमः
विशेष उपाय: पं. हृदय रंजन शर्मा जी का सुझाव है कि इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाने से शनि-राहु के दुष्प्रभाव कम होते हैं। कर्ज मुक्ति के लिए बटुक भैरव के सामने सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं।
ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में शनि-राहु-केतु की महादशा, कालसर्प दोष, पितृ दोष या तंत्र बाधा हो, उन्हें बटुक भैरव जयंती पर विशेष अनुष्ठान जरूर करना चाहिए। व्यापार में लगातार हानि और शत्रुओं से परेशान लोग भी इस दिन व्रत रखकर लाभ पा सकते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. हृदय रंजन शर्मा जी का संदेशः "बटुक भैरव बाल रूप में भक्तों की तुरंत रक्षा करते हैं। 24 जून को सच्चे मन से पूजा करने वाले भक्तों के जीवन से भय और बाधाएं स्वयं भैरव बाबा दूर करते हैं।"
पं. हृदय रंजन शर्मा जी की सलाह: "24 जून 2026 को विशाखा नक्षत्र और बुधवार का संयोग बटुक भैरव को अति प्रिय है। इस दिन रात्रि 12 बजे के बाद किया गया 'ॐ बटुक भैरवाय नमः' का जाप 1000 गुना फल देता है। शनि-राहु से पीड़ित लोग काले कुत्ते को इमरती खिलाएं।"