आगरालीक्स… आगरा में कोर्ट के आदेश के बाद थाने में 4500 लीटर शराब की बोतल नष्ट की गईं, इसमें अंग्रेजी और देसी शराब की बोतलें थी, कुछ ब्रांड बहुत महंगे भी थे। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।
कोर्ट ने थाना जगदीश पुरा में जब्त की गई शराब की बोतलों को मालखाने से निकालकर नष्ट करने के निर्देश दिए थे। शनिवार को थाना जगदीशपुरा में मालखाने में रखी अंग्रेजी और देसी शराब की बोतलों को बाहर निकाला गया। इन बोतलों को एक एक कर नष्ट किया गया, इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई।
गडढे में उडेल दी महंगी शराब की बोतलें
शराब की बोतलों को नष्ट करने के लिए थाना जगदीशपुरा में एक बडा गडढा खोदा गया, इसके बाद बोतलों से शराब निकाली गई। इन बोतलों की शराब को बाल्टी में निकालने के बाद गडढे में उडेल दिया गया।
दो दिन से हो रही शराब नष्ट
जगदीश पुरा थाने में अंग्रेजी शराब की 4000 और देसी शराब की 500 बोतलें जब्त की गईं थी, इन्हें थाने में खोदे गए गडढे में दो दिन से नष्ट किया जा रहा है, यह दूसरा दिन था, सुबह से ही थाने में शराब की बोतलों को नष्ट किया गया।
बोतल और कैप भी गिने गए
शराब की 4500 बोतलें नष्ट करने के बाद खाली बोतल और कैप भी गिने गए, जिससे गडबडी न हो सके, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, एक एक बोतल की गिनती की गई।
मई 2017 में बिहार में चूहों द्वारा शराब पीने का मामला
बिहार में आठ लाख लीटर शराब पी गए चूहा
बिहार में शराबबंदी है, मई 2017 में एक साल में थानों में जब्त की गई आठ लाख लीटर शराब गायब हो गई। मामला तब खुला जब एसएसपी मनु महाराज ने पटना नगर निगम चुनावों को देखते हुए सभी थानेदारों की बैठक बुलाई थी और कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा की. जब बैठक चल रही थी तो मनु महाराज ने थानेदारों से पूछा कि शराबबंदी लागू होने के बाद जितनी भी शराब जब्त हुई है और जिसे थाने के मालखाने में रखा गया है, आखिर उसमें कमी क्यों आ रही है. थानेदारों ने सारा ठीकरा चूहों पर दे मारा. कुछ थानेदारों ने मनु महाराज को बताया कि करोड़ों की शराब मालखाने से इसलिए गायब हो गई है, क्योंकि उस शराब को चूहों ने पी लिया है.