आगरालीक्स…आगरा में लेप्रोस्कोपिक विधि से वैजाइनोप्लास्टी (महिला के जननांग को टाइट करना) की गई। शनिवार से होटल क्लार्क शिराज में शुरू हुई दो दिवसीय एंडोगायनी व यूरोगायनी राष्ट्रीय कार्यशाला में डॉक्टरों की टीम ने डॉ कमलेश टंडन हॉस्पिटल एंड टेस्ट टयूब बेबी सेंटर में 30 निशुल्क जटिल ऑपरेशन किए। इनका लाइव टेलीकास्ट कार्यशाला स्थल पर किया गया।
एंडोमैट्रिओसिस एंड यूरोगायनी विषय पर आयोजित कार्यशाला में बच्चेदानी के मुंह के कैंसर, बार बार गर्भपात की रोकथाम के लिए लेप्रोस्कोपिक विधि से ऑपरेशन, कैंसर पीडित महिलाओं की रेडियल हिस्टेक्टॉमी की गई। इसके साथ वैजाइनोप्लास्टी, वैजाइनल रिज्युवनेशन सर्जरी की गई। डॉ. अमित टंडन द्वारा 18 सप्ताह की गर्भवती महिला का बच्चेदानी के मुख पर टांके लगाने का ऑपरेशन किया। बच्चेदानी का मुख बड़ा होने के कारण इनका चार बार गर्भपात हो चुका था। आयोजन सचिव डॉ अमित टंडन ने बताया कि कैंसर सहित जटिल ऑपरेशन में लेप्रोस्कोपिक विधि के अच्छे रिजल्ट हैं, इस तरह के ऑपरेशन कम हो रहे हैं, इसके लिए कार्यशाला में लाइव लेप्रोस्कोपिक सर्जरी से डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने के साथ उनके सवालों के जवाब दिए। डॉ वैशाली टंडन ने बताया कि महिलाओं के लिए लेप्रोस्कोपिकि सर्जरी सबसे बेहतर है, वे रूटीन लाइफ में आसानी से ऑपरेशन करा सकती हैं। डॉ कमलेश टंडन ने बताया कि 90 फीसदी ऑपरेशन लेप्रोस्कोपिक विधि से संभव हैं लेकिन 10 फीसद ऑपरेशन ही दूरबीन विधि से किए जा रहे हैं। इस दौरान आर्गनाइजिंग कमेटी की चेयरपर्सन डॉ. कमलेश टंडन, सचिव डॉ. अमित टंडन, डॉ. वैशाली टंडन, एसएन मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सरोज सिंह, डॉ. बी रमेश, डॉ. हफीज रहमान, एओजीएस की अध्यक्ष डॉ सुधा बंसल, सचिव डॉ. संतोष सिंघल, डॉ. संध्या अग्रवाल, डॉ. सुनीता तेंदुलवाडकर, डॉ. निकिता त्रिहान, डॉ. नरेन्द्र मल्होत्रा, डॉ. नूतन जैन आदि मौजूद थे। संचालन डॉ. संतोष सिंघल, डॉ. आरती मनोज ने किया। अतिथियों का स्वागत पौधा भेंट कर किया गया।

डॉ सुरेंद्र पाठक बने सूचरिंग चैंपियन
लेप्रोस्कोपिक विधि से सर्जरी के बाद अंदर ही टांके लगाए जाते हैं, यह डॉक्टर के लिए चुनौती भरा होता है। कांफ्रेंस में डमी पर नेशनल चैम्पियनशिप ऑफ लैप्रोस्कोपिक सूचरिंग हुई। इसमें सीनियर वर्ग में 25 व जूनियर वर्ग में 19 डॉक्टरों ने भाग लिया। सीनियर वर्ग के डॉक्टरों को 5 टांके लाने के लिए 10 मिनट व जूनियर डॉक्टरों को 10 मिनिट में 3 टांके लगाने का लक्ष्य थे। इसके साथ टांकों की क्वालिटी, टिशू एप्रोक्सीमेशन व तकनीक पर भी ध्यान दिया गया। निर्णायक थे डॉ. आलोक शर्मा। सीनियर वर्ग में डॉ. सुरेन्द्र पाठक व जूनियर वर्ग में डॉ. रूपाली खुराना विजयी रहीं। डॉ. अमित टंडन ने उन्हें पुरस्कृत किया।
होटल क्लार्क शिराज में एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया ने कांफ्रेंस का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप जलाकर किया, उन्होंने कार्यशाला के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परिवार स्वस्थ रहे इसके लिए जरूरी है महिलाओं को स्वस्थ रहना। पूरे घर की जिम्मेदारी सम्भालने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य का खयाल रखने वाले गायनेकोलॉजिस्ट आभार के पात्र हैं।