आगरालीक्स… आगरा में इनडोर पाल्युशन और बिजली की खपत करने के लिए इंजीनियर्स ने चर्चा की, कहा कि स्मार्ट बिल्डिंग से इनडोर पॉल्यूशन के साथ ही बिजली की खपत 70 पफीसद तक कम कर सकते हैं। शनिवार को रेडिसन ब्लू में इंडियन सोसायटी ऑफ हीटिंग एयकंडिशनिंग, रेफ्रीजरेटिंग इंजीनियर्स (आईएसएचआरएई) की कार्यशाला में विभिन्न प्रांतों के आर्किटेक्ट और इंजीनियर ने ऊर्जा की खपत कम करने में बिल्डिंग निर्माण की तकनीकी पर विचार विमर्श किया।
ऊर्जावरण कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया और क्रेडाई के अध्यक्ष भगत सिंह बघेल ने किया। एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया ने कहा कि सरकार गांव में घर घर तक बिजली पहुंचाना चाहती है, यह तभी संभव हो सकता है जब बिजली की उपलब्धता बढे, इसमें आम लोगों की सहभागिता जरूरी है। आम व्यक्ति बिजली की बचत करें, तो हर गांव में उजाला होगा। उन्होंने केंद्र सरकार की योजना और नीतियों की जानकारी दी। प्राइस वाटरहाउस कूपर्स के अमित कुमार ने बताया कि स्ट्रीट लाइट के लिए एलईडी बल्ब का इस्तेमाल कर 70 फीसद बिजली की खपत को कम किया जा सकता है। यह काम शुरू हो चुका है, 70 करोड स्ट्रीट लाइट में से 30 करोड स्ट्रीट लाइट में अब एलईडी का इस्तेमाल है। इस नए प्रयोग से बिजली बिल कम हुआ है। यह काम ईईएसएल द्वारा निशुल्क किया जा रहा है। सुनील खेल ने रेडिएंट कूलिंग की नई तकनीकी की जानकारी दी, उन्होंने बताया कि एसी लगाने से कमरे के फर्श से लेकर छत का टेम्प्रेचर कम होता है, इसमें समय लगता है और बिल भी ज्यादा आता है। इसकी जगह कॉपर के पाइप का इस्तेमाल कर छह फीट तक कमरे को ठंडा किया जा सकता है, इसमें कम बिजली इस्तेमाल होती है। दिनकर सक्सेना ने बिल्डिंग बनाते समय सावधानी बरतने और फायर सेफ़्टी पर चर्चा की। रिची मित्तल ने बताया कि इनडोर पॉल्यूशन स्वास्थ्य के लिए घातक हो रहा है, इससे अस्थमा सहित सांस संबंधी बीमारियां हो रही हैं। घर बनाते समय दरवाजे और खिडकी का आकार बडा हो, घर में हवा के साथ धूप भी पहुंच सके, ऐसा किया जाए तो इनडोर पॉल्यूशन को कम किया जा सकता है। संचालन संभव जैन और निवेदिता दिनकर ने किया। स्वागत मोहम्मद आरिफ ने किया। इस दौरान अनिल कुमार गोयल, अजीत फौजदार, शैलेंद्र माथुर, आलिद माथुर, अश्वनी शर्मा, राजीव मेहरा, प्रदीप दुआ आदि मौजूद रहे।