आगरालीक्स…आगरा में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता के लिए परेशान महिलाएं पहुंची राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के पास. 49 शिकायतें आईं. तुरंत कार्रवाई करने के दिए आदेश. बच्चों की तस्करी को लेकर को लेकर दिए ये निर्देश
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने मंगलवार को नवीन सर्किट हाउस में महिला जन सुनवाई की. इस दौरान उन्होंने महिला उत्पीड़न को रोकने और सरकार द्वारा संचलित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाने के लिए विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की. बैठक में विगत महिला जनसुनवाई तथा समीक्षा बैठक की अनुपालन आख्या तलब की, जिसमें बताया गया कि प्राप्त 81 शिकायती प्रार्थना पत्रों में 21 प्रार्थना पत्र विभिन्न राज्यों व जनपदों तथा दिल्ली, अलीगढ़, फिरोजाबाद आदि के थे, जिन्हें संबंधित को प्रेषित किया गया है, अध्यक्ष द्वारा संबंधित को रिमाइंडर देने, व्यक्तिगत संपर्क कर प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, समस्या समाधान कर एक सप्ताह में रिपोर्ट आयोग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.जनसुनवाई में कुल 49 आवेदन प्राप्त हुए जिन पर संबंधित को प्रभावी कार्यवाही कर निस्तारण की आख्या उपलब्ध कराने को निर्देशित किया एवं जनसुनवाई में अधिकांश मामले घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता व पेंशन के रहे, अध्यक्ष द्वारा जनपद के प्राप्त विभिन्न प्रकरणों पर संबंधित थानाध्यक्षों से दूरभाष पर वार्ता कर त्वरित कार्यवाही के कड़े निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा आयोग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है. महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा पीड़ित महिलाओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार के महिला उत्पीड़न की सूचना तत्काल संबंधित विभाग या महिला आयोग को दें, ताकि समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई की जा सके.
बैठक में मा.राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष महोदया द्वारा उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की समीक्षा की गई तथा कौशल विकास मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं में महिलाओं के स्व रोजगार प्रशिक्षण की जानकारी तलब की, जिसमें में बताया गया कि माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9 से 12 वीं तक के विद्यार्थियों हेतु प्रोजेक्ट प्रवीण योजनांतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 1855 पंजीकृत प्रशिक्षार्थियों में 903 महिला प्रशिक्षार्थी हैं. प. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना में 1015 के सापेक्ष 780 महिला प्रशिक्षार्थी शामिल हैं, विभाग द्वारा संचालित अल्पकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम में 4250 के सापेक्ष 2214 पंजीकृत महिला प्रशिक्षार्थियों की संख्या है. अध्यक्ष द्वारा कौशल विकास योजनाओं का प्रभावी प्रचार प्रसार कर महिलाओं को स्वरोजगार प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए.
बैठक में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर स्ट्रीट चिल्ड्रेन (सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों) के चिन्हांकन एवं पुनर्वास के सम्बन्ध में कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं,परिवहन विभाग के संबंध में यह अपेक्षा की गई है कि सड़क मार्गों एवं बस टर्मिनलों पर प्रवर्तन टीमों द्वारा बच्चों की तस्करी की रोकथाम के उद्देश्य से प्रभावी जांच की जाए तथा जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार हेतु आवश्यक स्थान उपलब्ध कराया जाए. महिला आयोग की अध्यक्ष द्वारा निर्देश दिए गए कि मा. उच्चतम न्यायालय की अपेक्षाओं के अनुरूप अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में सड़क मार्गों एवं बस टर्मिनलों पर नियमित प्रवर्तन जांच के दौरान बच्चों की तस्करी की रोकथाम के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरती जाए. संदिग्ध परिस्थितियों में पाए जाने वाले प्रकरणों में स्थानीय पुलिस एवं अन्य सक्षम विभागों के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए. साथ ही बस अड्डों एवं अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थलों पर बच्चों की तस्करी की रोकथाम संबंधी जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार के लिए आवश्यक स्थान उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन में जागरूकता उत्पन्न हो तथा ऐसे मामलों की समय पर सूचना संबंधित एजेंसियों को प्राप्त हो.