आगरालीक्स…दयालबाग में गुरु हजूर साहबजी महाराज की 145वीं जन्म-जयंती हुआ विशेष सत्संग. देश विदेश की सत्संग ब्रांचों ने भी लिया भाग…
दयालबाग के संस्थापक एवं राधास्वामी मत के पाँचवें संत सतगुरु परम गुरु हजूर साहबजी महाराज (सर आनंद स्वरूप) की 145वीं जन्म-जयंती के अवसर पर आज दयालबाग सहित देश-विदेश की सत्संग ब्रांचों में श्रद्धा, प्रसन्नता और हर्ष का वातावरण रहा। आज प्रातः कृषि कार्य के दौरान पूज्य हजूर सत्संगी साहब एवं परम आदरणीय रानी साहिबा की गरिमामय उपस्थिति में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ हुईं। अंबाला स्थित परम गुरु हजूर साहबजी महाराज के पावन जन्म-स्थान से संबंधित सत्संग ब्रांच के संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों ने विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसे दयालबाग में सजीव देखा गया। इसके पश्चात दयालबाग, जो वर्तमान में सत्संग का मुख्यालय है, के संत सुपरह्यूमन योजना के बच्चों ने भी दो विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। इन कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण ई-कैस्केड के माध्यम से देश-विदेश की सत्संग ब्रांचों में किया गया। परम गुरु हजूर साहबजी महाराज ने 20 जनवरी 1915 को बसंत पंचमी के पावन दिन शहतूत का पौधा लगाकर दयालबाग की स्थापना की थी। उनके मार्गदर्शन में दयालबाग एक सुव्यवस्थित और स्वावलंबी सत्संग कॉलोनी के रूप में विकसित हुआ। उन्होंने शिक्षा, तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, नारी-शिक्षा और संगठित सामुदायिक जीवन की सुदृढ़ नींव रखी। उनके समय में शैक्षिक संस्थानों, तकनीकी शिक्षण व्यवस्था, मॉडल इंडस्ट्रीज, कृषि व्यवस्था, गौशाला एवं डेयरी, सरन आश्रम अस्पताल और बालिका शिक्षा से संबंधित संस्थानों की स्थापना एवं विकास हुआ। परम गुरु हजूर साहबजी महाराज द्वारा स्थापित संस्थान और विभिन्न व्यवस्थाएँ निरंतर फल-फूल रही हैं तथा उत्तरोत्तर विकास कर रही हैं।