आगरालीक्स आगरा की एसएन मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश की आठ लैब को स्वाइन फ्लू की जांच के लिए केंद्र बनाया गया है। टैमिफ्लू की पांच हजार टैबलेट की डिमांड भेजी गई। एसएन, जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी पर भी स्वाइन फ्लू की फ्री जांच और इलाज की सुविधा। सभी मरीजों को जांच कराने की जरूरत नहीं।
स्वाइन फ्लू का संक्रमण फैलने पर यूपी में सतर्कता बरती जा रही है। प्रदेश में एसजीपीजीआई, लखनऊ, केजीएमयू लखनऊ के साथ ही एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई, मेडिकल कॉलेज गोरखपुर, मेडिकल कॉलेज मेरठ और मेडिकल कॉलेज कानपुर को केंद्र बनाया गया है। एसएन मेडिकल कॉलेज को आगरा के साथ ही फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज, एटा मेडिकल कॉलेज और झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्र बनाया है। इन मेडिकल कॉलेजों से स्वाइन फ्लू संदिग्धों के नमूने जांच के लिए एसएन की माइक्रोबायोलॉजी लैब भेजे जाएंगे।
तेज बुखार संग सांस लेने में परेशानी होने पर नाक और मुंह से लिए जा रहे नमूने
स्वाइन फ्लू की जांच के लिए उन मरीजों के नमूने लिए जा रहे हैं जिनको तेज बुखार के साथ सांस लेने में समस्या हो रही है। बेहोशी छाने के साथ ही आक्सीजन का स्तर शरीर में कम हो रहा है, लोअर रेस्पिरेटरी लक्षण भी मिल रहे हैं। संदिग्ध मरीजों के नाक और मुंह से स्वैप से नमूने लेकर एसएन की माइक्रोबायोलॉजी लैब में जांच की जा रही है। एसएन के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि चार विभागों में स्वाइन फ्लू संदिग्ध मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं।
पांच हजार टैमिफ्लू का भेजा गया आर्डर
स्वाइन फ्लू के इलाज में टैमिफ्लू टैबलेट और बच्चों को टैमिफ्लू सीरप दिया जाता है। इन दोनों का स्टॉक उपलब्ध है। नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति का कहना है कि पांच हजार टैमिफ्लू टैबलेट का आर्डर भेजा गया है। सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित करने के साथ ही जिला अस्पताल में पांच और सीएचसी पर दो दो आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं।