आगरालीक्स…आगरा में हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं को दी सोशल मीडिया के सही उपयोग की जानकारी. कहा—सोशल मीडिया का उपयोग ज्ञान और सकारात्मक विकास के लिए है न कि उसके आकर्षण में समय और लक्ष्य गंवाने के लिए
किशोरियों को शिक्षा के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से खंदौली और बरौली अहीर ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) के माध्यमिक एवं जूनियर स्कूलों में दो दिवसीय जीवन कौशल विकास कार्यशाला एवं भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व आकांक्षा महिला समिति की अध्यक्ष डॉ. सीमा प्रताप ने किया, जबकि कार्यशाला का संचालन आकांक्षा आगरा की सचिव सुभाषिनी पालीवाल ने किया। कार्यशाला में छात्राओं को जीवन में आने वाली विभिन्न परिस्थितियों का आत्मविश्वास और विवेक के साथ सामना करने के लिए जरूरी जीवन कौशलों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विभिन्न गतिविधियों, अभ्यासों, संवाद और क्विज के माध्यम से छात्राओं को निर्णय लेने, समस्या समाधान और प्रभावी संवाद के गुर सिखाए गए।
डॉ. सीमा प्रताप ने छात्राओं को सोशल मीडिया के भुलावे में न आने की सलाह देते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग ज्ञान और सकारात्मक विकास के लिए किया जाना चाहिए, न कि उसके आकर्षण में अपना समय और लक्ष्य गंवाने के लिए। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में रहकर अनुशासन और आत्मनिर्भरता सीखने वाली छात्राएं भविष्य में जीवन की अनेक चुनौतियों का सामना करने के लिए स्वयं को तैयार करती हैं। उन्होंने बालक-बालिका के बीच होने वाले भेदभाव पर भी छात्राओं से संवाद किया और बताया कि समान अवसर, शिक्षा और सम्मान हर बालिका का अधिकार है। छात्राओं को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि परिवार और समाज में लैंगिक भेदभाव को किस प्रकार सकारात्मक सोच और जागरूकता के माध्यम से दूर किया जा सकता है।

सुभाषिनी पालीवाल के निर्देशन में चले सत्रों में छात्राओं को निर्णय क्षमता, समस्या समाधान, गंभीर चिंतन और रचनात्मक सोच विकसित करने का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही दैनिक जीवन के तनाव और उलझनों से निपटने, अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने तथा दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने पर विशेष जोर दिया गया।
छात्राओं को सामाजिक और भावनात्मक दबाव से निपटने, विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ता के साथ ‘ना’ कहना, आपसी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान करने तथा स्वयं के प्रति विश्वास बनाए रखने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
कार्यशाला में किशोरियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी प्रमुखता दी गई। छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, माहवारी स्वच्छता, संतुलित आहार और बेहतर स्वास्थ्य आदतों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सीमा प्रताप एवं आकांक्षा महिला समिति की टीम ने विद्यालय परिसरों का निरीक्षण कर छात्राओं की प्रोफाइल, भोजन व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था, हॉस्टल सुविधाओं और खेलकूद संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। छात्राओं के प्रवेश की प्रक्रिया, उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि तथा केजीबीवी में प्रवेश की पात्रता से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की गई। इस दौरान छात्राओं के साथ क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर डॉ. सरोज प्रशांत, डॉ. अपर्णा पोद्दार, डॉ. दीपा रावत, अशु मित्तल, वीना खंडेलवाल, मीरा गुप्ता, रत्ना अस्थाना, साक्षी अग्रवाल आदि उपस्थित रहीं।