आगरालीक्स…ग्लोबल ग्रीन स्कूल रैंकिंग 2026 में आगरा के प्रिल्यूड स्कूल ने पाया आठवां स्थान. अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाई खास उपलब्धि
पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है। विद्यालय ने ग्लोबल ग्रीन स्कूल रैंकिंग 2026 में विश्व के शीर्ष 30 हरित विद्यालयों की प्रतिष्ठित श्रेणी ‘सुपर 30 ग्लोबल ग्रीन स्कूल्स’ में वैश्विक स्तर पर आठवाँ स्थान प्राप्त कर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
यह उपलब्धि विद्यालय को 23 व 24 सितंबर, 2026 को आयोजित सनी ग्लोबल सेंटर, न्यूयॉर्क में सेनेटर गुस्तावो रिवेरा, न्यूयॉर्क स्टेट सेनेटर, न्यूयॉर्क, यू.एस द्वारा विद्यालय की पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता, दूरदर्शी सोच और प्रकृति के संरक्षण हेतु किए जा रहे सतत प्रयासों हेतु प्रदान की गई है। इससे पूर्व विद्यालय ने नेशनल ग्रीन स्कूल रैंकिंग 2025 में देश में द्वितीय स्थान तथा वर्ष 2024 में तृतीय स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की थी।
इस उपलब्धि का विशेष श्रेय विद्यालय की शैक्षणिक प्रमुख डॉ. रश्मि गांधी के दूरदर्शी नेतृत्व, पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके समर्पण तथा उनके अथक प्रयासों को जाता है। सतत विकास और हरित शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने विद्यालय की पर्यावरणीय पहलों को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान की है। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय पर्यावरणीय चेतना को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाने तथा विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली और शैक्षिक दृष्टिकोण का अभिन्न अंग है। विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक रूप से उत्कृष्ट बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें संवेदनशील, जिम्मेदार और पर्यावरण के प्रति जागरूक वैश्विक नागरिक के रूप में विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता ऐसे सार्थक इंसानों के निर्माण की है, जो प्रकृति के महत्व को समझें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित एवं टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने में अपना योगदान दें।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा सहजपाल ने विद्यालय की इस उपलब्धि को एक नई जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार करते हुए पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली और सतत विकास के अपने संकल्प को और अधिक सशक्त बनाने का विश्वास व्यक्त किया।