आगरालीक्स…घर में शीशा किस दिशा में लगाएं, अक्सर लोग हो जाते हैं भ्रमित. वास्तु विशेषज्ञ अंशु पारीक से जानें शीशा लगाने की सही दिशा और आकार…
घर में शीशा लगाने को लेकर अक्सर लोग भ्रमित हो जाते हैं। शीशा लगाने की सही दिशा, आकार आदि बातें लोगों को उलझा देती हैं। इन्हीं कारणों से कई बार लोग जहां आवश्यकतानुसार शीशा होना चाहिए वहां नहीं लगा पाते। शीशा जल तत्व को दर्शाता है। इसलिए सामान्यतः शीशा उत्तर-पश्चिम दिशा से पूरब दिशा तक लगाना अच्छा है परन्तु छोटे आकार (1-2 फीट का शीशा) का शीशा किसी भी दिशा में लगाया जा सकता है। यह किसी प्रकार को नुकसान नहीं करता।
किस दिशा में शीशा लगाने से बचेः शीसा जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए साउथ-ईस्ट से पश्चिम दिशा तक शीशा न हो तो बेहतर है। विशेषकर बड़े कार का ऐसा शीशा जिसमें व्यक्ति का पूरा प्रतिबिम्ब नजर आता हो। साउथ ईस्ट यानि अग्नि कोण में बड़े आकार का शीशा धन सम्बंधी परेशानी दे सकता है। अग्नि और भूमि तत्व को छोड़कर शीशा कहीं भी लगाया जा सकता है। आवश्यक हो तो छोटे आकार का शीशा (जिसमें कन्धे तक का प्रतिबिम्ब नजर आए) अग्नि व भूमि तत्व की दिशा में लगा सकते हैं।
दिशा में भ्रमित न होः की लोग समझते हैं कि किसी भी कमरे की उत्तर या पूरब दिसा में शीशा लगाया जा सकता है। यह भ्रांति है। दिशा का निर्धारण घर के ब्रह्म स्थान से होता है। किसी भी दिशा में बने कमरे के आधार पर उसकी दिशाएं नहीं निकाली जा सकती। जैसे उत्तर दिशा में बने कमरे की दक्षिण दिशा की दीवार दक्षिण नहीं बन जाएगी।