आगरालीक्स… आगरा में हार्ट अटैक हो या हदय की कोई और बीमारी। इलाज आगरा में ही संभव है। सोना रेनबो कार्डियक केयर सेंटर में विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ मरीजों का इलाज किया जा रहा है। यह जानकारी संस्थान के हदय रोग विशेषज्ञों ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में दी।
सोना कार्डियक केयर देश में कैथलैब की एक श्रेष्ठतम श्रृंखला है। आगरा में तकरीबन यह डेढ साल से रेनबो हाॅस्पिटल के साथ मिलकर स्थानीय स्तर पर काम कर रही है। बीते लगभग डेढ वर्ष में यहां मेदांता मेडिसिटी गुडगांव के पद्मश्री डा. प्रवीन चंद्रा के नेतृत्व में न सिर्फ हजारों हदय रोगियों का इलाज किया गया बल्कि कई जटिल सर्जरी कर विषम परिस्थितियों में मरीजों की जान भी बचाई गई है। यह ऐसे मरीज थे जो गंभीर हदय रोग की चपेट में थे और दिल्ली, गुडगांव और जयपुर समेत दूर राज्यों में जाने की सलाह दी गई थी। शहरवासियों के लिए राहत की खबर है कि सोना कार्डियक केयर द्वारा दी जा रहीं सेवाओं के अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल में दो और नाम जुडने जा रहे हैं। मेदांता मेडिसिटी गुडगांव के सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलाॅजिस्ट डा. नीरज गुप्ता सप्ताह में एक दिन सुबह 10 से शाम पांच बजे तक सेवाएं प्रदान करेंगे। वहीं डायबिटीज एंड मेटाबाॅलिक क्लीनिक की भी शुरूआत की जा रही है, जिसमें आगरा के वरिष्ठ फिजीशियन डा. राजकुमार गुप्ता प्रतिदिन सुबह 9 से 11 बजे तक अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
संस्थान के वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलाॅजिस्ट डा. विनीत गर्ग ने बताया कि आजकल की भागदौड भरी जिंदगी में एक दिल ही है जिस पर सबसे अधिक बोझ पडता है। तनाव, थकान, प्रदूषण आदि कई वजहों से रक्त का आदान प्रदान करने वाले इस अति महत्वपूर्ण अंग को अपना काम करने में मुश्किल होती है, इसलिए लोगों में यह भावना जागृत करनी होगी कि हदय की बीमारियों के प्रति सचेत रहें। रेनबो आईवीएफ की डा निहारिका मल्होत्रा ने गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में दिल के रोगों से होने वाले खतरों पर जानकारी दी।

अपने हदय को स्वस्थ और सशक्त बनाएं- डा. नीरज
इस मौके पर सोना कार्डियक केयर में अपनी सेवाएं शुरू करने जा रहे मेदांता मेडिसिटी के डा. नीरज गुप्ता ने बताया कि अव्यवस्थित जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के चलते दुनिया भर में ह्रदय रोग पीडितों की संख्या तेजी से बढ रही है। भागती-दौडती जिंदगी में लोगों के पास अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान देने का समय नहीं है, लेकिन यह समय निकालना होगा। हदय समस्त शरीर में रक्त संचार की मुख्य इकाई है। जब दिल धडकता है, तब हम जिंदा रहते हैं। दिल की बीमारी किसी को भी हो सकती है। इसके लिए कोई निर्धारित उम्र नहीं होती। इसलिए हमें दिन में थोडा समय अपने दिल के लिए निकालना चाहिए ताकि वह लंबे समय तक धडकता रहे। डा. राजकुमार गुप्ता ने बताया कि मधुमेह दिल के रोगों की सबसे बडी वजह है। इस पर नियंत्रण से काफी हद तक इसे रोका जा सकता है।
यह दी जा रहीं सुविधाएं….
– अत्याधुनिक ईको मशीन एवं कैथलैब
– एंजियोग्राफी
– एंजियोप्लास्टी
– वाॅल्व रिप्लेसमेंट
– हार्ट अटैक सेंटर
– अब (डायबिटीज एवं मेटाबाॅलिक क्लीनिक)