आगरालीक्स… आगरा में नए साल पर आयकर विभाग की सबसे बडी कार्रवाई 55 घंटे चली, सपा नेता शिव कुमार राठौर, बिल्डर व होटल संचालक पीएल शर्मा, कांट्रेक्टर संतोष शर्मा से 210 करोड की अघोषित आय के दस्तावेज मिले हैं, आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान 12 करोड रुपये की अद्योषित आय सरेंडर की गई है। 1.39 करोड़ रुपये की नगदी और 2.30 करोड़ रुपये की ज्वैलरी मिली।
आगरा में छह फरवरी को सुबह 8 45 बजे प्रधान आयकर निदेशक अमरेंद्र कुमार के नेत्रत्व में 200 अधिकारी और कर्मचारियों की टीम ने सपा नेता, लघु उद्योग निगम के पूर्व चेयरमैन शिव कुमार राठौर के महेश एडिबल आयल, सलोनी आयल ग्रुप, उनके द्वारा होटल पीएल पैलेस के संचालक, बुलंद हाउसिंग के मालिक रीयल एस्टेट कारोबारी पीएल शर्मा और आरवी इन्फ्रा के संतोष शर्मा के साथ पार्टनरशिप में आगरा इन्फ्रालैंड डेवलपर्स के नाम से रियल एस्टेट, आरवी इन्फ्रा में संतोष शर्मा के साथ शिव कुमार राठौर के भाई दिनेश राठौर की पार्टनरशिप वाली कंपनी सहित आगरा में 19, मथुरा में दो, लखनऊ, राजस्थान में अलवर, कोटा, जोधपुर, दिल्ली में दो और कोलकाता में एक स्थान पर कार्रवाई की जा रही है। इसमें से 16 जगहों पर आयकर सर्च और 12 परिसरों पर आयकर सर्वे किया।
55 घंटे तक चली कार्रवाई में 12 करोड सरेंडर, 200 करोड के मिले दस्तावेज
आरपी इन्फ्रा के डायरेक्टर संतोष शर्मा ने 12 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा कर दिया।
सपा नेता शिव कुमार राठौर और दिनेश राठौर की कंपनियों से जो कागजात मिले हैं, उनसे 200 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा हो सकता है। आयकर अधिकारियों के मुताबिक उनकी कंपनियों ने बोगस खरीद और खर्चे दिखाए हैं। सरसों की बिक्री का काम ही नहीं करते, उनसे सरसों की खरीद दिखाई गई है। गरीब किसानों के खातों को खोलकर उनमें 45 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन किए गए हैं। सरसों की जो खरीद दिखाई गई, वह ट्रक उन ई-वे बिलों को लेकर रूट से गजरे ही नहीं।
दिनेश राठौर की कंस्ट्रक्शन और रीयल इस्टेट फर्म के जरिए काले धन को सफेद करने संबंधी कागजात सामने आए हैं। इसमें भी गरीब मजदूर के नाम पर कंपनी बनाकर सब कांट्रैक्ट दिखाए गए हैं।
प्रोहिबिटरी आर्डर लगाए गए
सपा नेता शिव कुमार राठौर के कारोबारी साझेदार पीएल शर्मा ने आयकर अधिकारियों से अपने परिसर पर पीओ (प्रोहिबिटरी आर्डर) लगवाया है। उन्होंने अगले सप्ताह तक आयकर से जुड़े कई कागजात देने के लिए समय मांगा है। उनके पास से करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा के ऐसे कागजात मिले हैं, जिनसे अघोषित आय का पता चला है।
संजय प्लेस में जीजी नर्सिंग होम के सामने बनाए गए सात मंजिला कारपोरेट पार्क में बेचे गए हिस्सों के कई कागजात विभाग को मिले हैं। 1.82 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में जिन पार्टियों को बेचा गया है, आयकर विभाग उनकी भी जांच करेगा।
5 करोड के नहीं मिले वारिस
छापे में मिले 5 करोड़ रुपये के वारिस तीसरे दिन भी सामने नहीं आए, जबकि 1.39 करोड़ रुपये की नगदी और 2.30 करोड़ रुपये की ज्वैलरी मिली।
अमरेंद्र कुमार, प्रधान आयकर निदेशक जांच का मीडिया से कहना है कि सलोनी ग्रुप की आयकर जांच में बोगस फर्म के जरिए बोगस खरीद और खर्चे दिखाए गए हैं। शिव कुमार राठौर ने जांच में सहयोग भी नहीं किया और पूरी टीम के साथ दुर्व्यवहार किया।’