आगरालीक्स.. आगरा में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि बेटियों को गोल्ड मेडल मिले हैं, इन बेटियों की शादी में जो गोल्ड और दहेज मांगे उससे शादी ना करें।
शुक्रवार को आंबेडकर विवि के 85 वें दीक्षा समारोह में अध्यक्षीय संबोधन में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि विवि आगरा में सम्मिलित होकर प्रसन्नता का अनुभव हुआ। सभी बच्चो को बधाई। इस अवसर पर छात्रों को राष्ट्र निर्माण की दीक्षा दी जाती है । यह छात्र नए भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे । आगरा विवि का नाम अंबडेकर के नाम पर है जिनका राष्ट्र के निर्माण में अमूल्य योगदान है जिसे भुलाया नही जा सकता । आगरा ऐतिहासिक धरोहर और क्रांतिकारी लोगो वाला देश है। आजादी से पहले नेपाल तक के विद्यालय आगरा विद्यालय से सम्बद्ध थे । वर्तमान में 5 लाख से ज्यादा छात्र शिक्षनरत है । यहां के छात्रों ने राष्ट्र निर्माण के छेत्र में यहां के छात्रों का अमूल्य योगदान है। चौधरी चरण सिंह के साथ साथ अटल विहारी वाजपेयी निकले । भारत पहले भी विश्वगुरु रहा है और वर्तमान में भी इसमे आगे बढ़ रहा है इसमे आगरा विवि भी अमूल्य योगदान देगा । प्रधान मंत्री का सपना है भारत 2025 तक टीवी मुक्त हो । इसके लिये आगरा विवि कदम उठा चुका है जो धन्यवाद के पात्र है। मैं जहां भी विवि में जाती हूँ तो कहती हूँ कि एक ओर हम कुपोषण से जूझ रहे है लेकिन इसके बाद भी हमारी बेटियां कितनी सशक्त है यह हमें नही पता है । कुपोषण से सरकार मुक्त कराने के लिए काम कर रही है लेकिन जब तक बेटी नही पढ़ेंगी तब तक कुपोषण दूर नही होगा । आज सम्पूर्ण विश्व बालिका दिवस मना रहा है इसलिए आगरा विवि में 650 हीमोग्लोबिन चैक कराया गया है । 22 प्रतिशत छात्राओं के शरीर मे से 10 परसेंट से ज्यादा छात्राओं के भीतर हीमोग्लोबिन की कमी है । इसके लिए लोगो को प्रयास करना चाहिए कि जनन्नी कुपोषित नही हो । इसके लिए जब तक गर्भवती स्त्री सशक्त नही होंगी तब तक कुपोषण नही दूर होगा । 650 में से 140 छात्राएं हीमोग्लोबिन की कमी से जूझ रही है जिसके लिए काम करना होगा । डायट प्लान तैयार करना होगा ।
टेस्ट कराना होगा और जब यह दूर होगा उसका विवाह होगा तब कुपोषण दूर होगा ।
बेटियों को मिले 80 फीसद गोल्ड
80 प्रतिशत गोल्ड मेडल छात्राओं ने प्राप्त किया और 20 प्रतिशत गोल्ड मैडल छात्रों के लिए छोड़ दिया। अगर छात्राएं ज्यादा मेहनत करती तो यह भी गोल्ड मेडल नही मिलते। इससे असमानता पैदा होती है क्योंकि फिर यह लडकिया लड़को को रिजेक्ट कर देती है । यह तय करना है 15 दिन तक जितनी बेटियां आंगनवाड़ी और प्राइमरी स्कूल में है उसे लक्ष्मी मानकर उसका सम्मान कीजिये। अगर बेटी को लक्ष्मी मानेंगे तो उसका समाज मे सम्मान होगा और छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगेगा । इसके लिए आगरा विवि के शिक्षकों को काम करना होगा । पूरे भारत मे बाल विवाह हो रहा है । ऐसे प्रकरण विवि के दीक्षांत समारोह में नही उठाये जाते है लेकिन इस पर रोक लगनी चाहिए। लोगो को इसका विरोध करना चाहिए। राज्य सरकार ने बेटियों के विवाह के लिए सामूहिक विवाह का प्राविधान इसको रोकने के लिए किया है। गोल्ड मेडल का मिलना एक अच्छी खुशी होती है इससे समाज मे अच्छा संदेश परिवार के प्रति जाता है लेकिन जब उसका विवाह का समय आता है तो दहेज की मांग की जाती है। क्या हमारी बेटी बेटियों में इतनी ताकत नही है कि वह दहेज नही मांगे। इसलिए इस अवसर पर छात्र छात्राएं दहेज ना मांगने का संकल्प ले। इससे समाज मे सम्मान मिलेगा। दहेज मागने वाले से लड़कीं शादी नही करे। जब तक यह प्रकरण शांत नही होगा। जब तक इस पर दहेज का विरोध नही होगा । गुजरात में सेक्स रेशियो पर 2003 से काम किया । उसके चलते विषम परिस्थियां पैदा हुई । 1000 लड़कियों के सापेक्ष 800 लड़कियां रह गयी इसके चलते 200 बच्चे कुंवारे रह गए । इसके लिए मोदी सरकार ने बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ का नारा हरियाणा से दिया जिसके चलते 5 साल में परिवर्तन हुआ । बेटी हो या बेटा हो उसे जीवन जीने का अधिकार है । प्लास्टिक बाहर फैंकने का काम पूरे देश मे चल रहा है । हमारी एक गलती के कारण गाय बछड़े बर्बाद हो रहे है । बीमार हो रहे है जिससे गाय के पेट मे से 15 किलो प्लास्टिक ऑपरेशन कर निकालना पड़ता है । एक ओर जहां गाय बचाने के आंदोलन किये जा रहे है तो वही प्लास्टिक से गाय की हत्या की जा रही है। टीवी और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए सरकार काम कर रही है । आज मुझे खुशी है विवि ने लगभग 600 बच्चे की एक लिस्ट बनाई है जो 600 बच्चो को गोद लेगी। बच्चो को 2 तीन महीने तक पोषण युक्त आहार दिया जाएगा । यह कार्य 12 से 13 जिलों में 5000 बच्चो को गोद लिया गया है जिन्हें पोषण युक्त भोजन दिया जा रहा है। इसमें 5 6 7 क्लास के बच्चे शामिल है। गरीबी के वजह से यह टूर पर नही जा सकते । यदि टूर पर नही जाएंगे तो उनका विकास नही होगा। इसलिए ऐसे छात्रों को आगरा विवि के दीक्षांत समारोह को दिखाया जाता है । जिससे उसके अंदर भी पढ़ने की झिज्ञासा विकसित हो । हमारे बच्चो के अंदर पढ़ने की आदत नही है इसलिए पढ़ने की आदत विकसित करनी होगी। इसलिए बच्चो को किताबे वितरित की गई है । आगरा विवि 85 साल पुरानी है । यह सर्वश्रेष्ठ बननी चाहिए । जिससे दूसरे विवि के अध्यापक और छात्र यहां आए । रूटीन तो होता ही रहता है लेकिन सबसे अलग होना चाहिए। लेख अनिवार्य होना चाहिए। सारे रूल रेगुलेशन का प्लान होना चाहिए जिससे कोई आंदोलन ना हो । तीन चार प्रकार की कमेटियां यह तय करे कि कोई भी अनियमितता नही हो और समस्या का समाधान हो । यह काम किसी एक व्यक्ति का नही है बल्कि सम्पूर्ण आगरा विवि प्रसाशन का काम है । इसकी आज मांग इसलिए है क्योंकि आज भारत विश्व गुरु बनने के लिए प्रयास कर रहा है इसलिए अगर कोई गलतियां होती है विश्व मे अच्छा संदेश नही जाता है। विवि में हरेक क्लास में हो सीसीटीबी कैमरा हो । जिससे सब चीज पता लग जायेगी। अगर छात्र नही आये तो प्रेरित की जाए । आगरा विवि में पूरे कैम्पस में स्थापित हो । इससे यह संदेश जाएगा ऊपर वाला देख रहा है। गोल्ड मैडल से परिवार को भी सम्मान मिला है ।