आगरालीक्स.. आगरा के डॉ अमित टंडन और उनकी पत्नी डॉ वैशाली टंडन की मुश्किल बढ गई है। छोटे भाई अनुराग टंडन पर जानलेवा हमले के आरोप में दर्ज किए गए मुकदमे में 30 नवंबर तक हाईकोर्ट से स्टे मिला हुआ है, यह आगे नहीं बढा है। 30 नवंबर के बाद पुलिस डॉ अमित टंडन, डॉ वैशाली टंडन सहित अन्य आरोपितों को अरेस्ट कर सकती है।
आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र स्थित डॉ कमलेश टंडन हॉस्पिटल के संचालक डॉ अमित टंडन और उनके भाई सनराइज डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डॉ अनुराग टंडन में छह सितंबर 2019 को विवाद हो गया था। आरोप है कि डॉ अमित टंडन ने डॉ अनुराग टंडन पर जानलेवा हमला करते हुए सिर में रोड मार दी, डॉ अनुराग टंडन को गंभीर हालत में पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इस मामले में डॉ अनुराग टंडन की पत्नी डॉ पारुल टंडन की तहरीर पर डॉ अमित टंडन, डौ वैशाली टंडन, कर्मचारी राहुल, दिनेश यादव और उमा शंकर शर्मा पर जानलेवा हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में 13 नवंबर को आरोपित उमा शंकर शर्मा और दिनेश यादव को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है।
डॉ वैशाली टंडन का नाम हटाने और जानलेवा हमले की धारा हटाने पर कार्रवाई
इस मामले में थाना हरीपर्वत के तत्कालीन इंस्पेक्टर प्रवीन कुमार मान और एसआई अनिल कुमार मामले की विवेदना कर रहे थे। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे। इस मामले में डॉ वैशाली टंडन का नाम निकालने और जानलेवा हमले की धारा हटाने पर आईजी ए सतीश गणेश के आदेश पर एसएसपी बबलू कुमार ने इंस्पेक्टर प्रवीन मान और एसआई अनिल कुमार को लाइन हाजिर कर दिया था। इस मामले की जांच कराई गई, जांच रिपोर्ट के आधार पर इंस्पेक्टर प्रवीन मान और एसआई अनिल कुमार को निलंबित कर दिया है, विभागीय जांच भी कराई जा रही है।
कर्मचारी को भेजा गया जेल
इस मामले में आरोपित डॉ अमित टंडन के कर्मचारी राहुल को पुलिस ने जेल भेज दिया है।