आगरालीक्स.. आगरा में शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए सत्याग्रह करने वाले चिम्मनलाल जैन का निधन हो गया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिम्मन लाल जैन ने आगरा में बडे स्तर पर शराब बंदी के लिए आंदोलन किया था, बीयर शॉप बंद ना होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और गांधी वादी विचार धारा अहिंसा और सत्याग्रह के रास्ते पर चलने वाले चिम्मनलाल जैन कीठम गांव(विकास खंड अछनेरा-तहसील किरावली) के रहने वाले थे। अभी वे अपने बेटे राजेंद्र प्रसाद के साथ पथवारी , बेलनगंज पर रह रहे थे। उन्होंने आगरा महानगर और देहात में शराब बंदी को लेकर आवाज उठायी और आंदोलन किये।
शराबबंदी के लिए खडा किया जनआंदोलन
2015 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिम्मन लाल जैन ने शराब के ठेके बंद कराने के लिए सत्याग्रह किया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चिम्मन लाल जैन ने एलान किया था कि सरकार ने शराब की दुकानें बंद नहीं की तो वे जनता को साथ लेकर दुकानों में आग लगाएंगे। इसके लिए उन्होंने सात जून 2016 की तारीख नियत की थी। चिम्मन लाल जैन अपने समर्थकों के साथ सुबह साढ़े दस बजे धूलियागंज स्थित महाराज अग्रसेन इंटर कालेज के बाहर खड़े हो गए। हाथों में तिरंगा और आग लगाने के लिए मशाल लिए समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
जानकारी मिलते ही थाना छत्ता, नाई की मंडी का पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। सिटी मजिस्ट्रेट रेखा एस चौहान और सीओ कोतवाली मनीषा सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाने की कोशिश की। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास की शराब की दुकानों को बंद कर दिया। अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि जो दुकानें विद्यालय, धार्मिक स्थल और अस्पतालों के 50 मीटर के दायरे में हैं उनकी पैमाइश कराकर हटवा दिया जाएगा। रही शराबबंदी तो यह शासन स्तर का फैसला है, इसमें वे कुछ नहीं कर सकते। लेकिन चिम्मनलाल जैन अपनी जिद पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि मैं कानून तोड़ रहा हूं आप चाहें तो मुझे गिरफ्तार कर लें। एक बार तो उनके समर्थक देशी शराब के ठेके पर भी पहुंच गए। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को उनके समर्थकों के साथ गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पुलिस अभिरक्षा में उनके निवास पर भेज दिया।