नईदिल्ली लीक्स…किसान आंदोलन के चलते आगरा दिल्ली मार्ग बंद, लगा जाम, आठ दिसंबर को बंद के आह्रवान, शादी वाले परिवार चिंतित,
नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों और सरकार के बीच वार्ता विफल होने पर किसानों का आंदोलन और तेज हो गया है। दिल्ली-हरियाणा पर स्थित सिंधु बॉर्डर पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अलीगढ़ के आसपास के जिलों के किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए नोएडा लिंक रोड को भी बंद कर दिया गया है।
आठ को भारत बंद का ऐलान
सरकार और किसानों के बीच पांच चरण की बातचीत के बाद कोई नतीजा नहीं निकलने पर किसानों ने लंबे संर्घष का ऐलान किया है। किसानों ने नौ दिसंबर को सरकार के साथ होने वाली छठे चरण की बैठक से पहले आठ दिसंबर को भारत बंद की घोषणा कर अपनी शक्ति का एहसास कराने की कोशिश की है। भारत बंद की परिणाम और सरकार से वार्ता के बाद किसान अपने अगले आंदोलन की रणनीति तय करने के साथ आंदोलन को धार देंगे।
अलीगढ़ में भी जाम
दिल्ली के आसपास से सटे स्थानों से भी किसान दिल्ली जाना चाह रहे हैं लेकिन किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए नोएडा लिंक रोड को बंद कर दिया गया है। अलीगढ़ के किसानों ने टप्पल में जिकरपुर गांव के पास आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन भी किया।
किसानों की तीन प्रमुख मांगे
1-न्यूतम समर्थन मूल्य पर लिखित आश्वासन। इस नियम को लेकर किसानो को डर है कि सरकार इस न्यूतम समर्थन मूल्य को वापस ले सकती है। इसके दायरे में 26 किस्म की फसलें आती हैं।
2-बिजली बिल संशोधन रद्द किया जाए
3- पराली जलाने पर जुर्माना- सजा का नियम बंद हो
एमपीएस तय करने का मानक
-कृषि लागत और मूल्य आयोग न्यूतम समर्थन मूल्य घोषित करता है।
-उत्पाद की लागत क्या है
-फसल में लगने वाली सामानों में बदलाव
-बाजार में मौजूदा कीमतों का रुख
-राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर की हालत
लागत निकालने का गणित
ए- किसान की लागत, खाद, बीज कीटनाशक, मजदूरी, ईंधन, सिंचाई
बी- खेती में परिवार के सदस्यों की मेहनत की मजदूरी
सी- किसानों की भूमि, किराया, स्थायी पूंजी पर ब्याज आदि
शादी-विवाह में आने-जाने का गणित गड़बड़या
दिल्ली में शादी वाले घरों में आने-जाने का लोगों का गणित गड़बड़ा गया है। किसानों के आंदोलन को लेकर जहां बारात ले जाने वाले असमंजस में हैं तो वहां से निकलने को लेकर भी डर लगा है कि कहीं आंदोलन की वजह से निकलना मुश्किल नहीं हो जाए। रोडवेज की बसें भी कम चल रही हैं। हालांकि बारात आदि की बसों को रोका नहीं जा रहा है और उन्हें निकाला भी जा रहा है। इसके साथ ही आठ दिसंबर के भारत बंद को लेकर भी चिंता हैं क्योंकि इस दिन भी काफी बड़ा सहालग है।
सब्जियों पर पड़ रहा असर
किसान आंदोलन का असर सब्जियों पर पड़ना शुरू हो गया है, जहां नये आलू की बाहर निकासी नहीं हो पाने और किसानों के आंदोलन में लगने के कारण नया आलू 15 20 रुपये किलो पर आ गया है, जबकि प्याज की कीमतें भी लगातार कम हो रही है, जबकि कुछ सब्जियों की कीमतों में उछाल भी आया है।