आगरालीक्स…30 साल में पहली बार शिल्पग्राम सूना—सूना..ताज महोत्सव न होने से देशभर के कलाकारों और शिल्पकारों में मायूसी…
फरवरी में छाई रहती है रौनक
फरवरी माह में ताजमहल और शिल्पग्राम में एक अलग ही रौनक छाई रहती है. ये रौनक पिछले 30 सालों से ताज महोत्सव के दौरान नजर आती थी लेकिन इस बार कोविड 19 के कारण शिल्पग्राम सूना नजर आ रहा है. गौरतलब है कि ताज महोत्सव हर साल फरवरी की 18 तारीख से शुरू होकर 27 फरवरी तक चलता है. लेकिन इस बार ताज महोत्सव को कैंसिल कर दिया गया है. ऐसे में शिल्पग्राम में न तो कोई आयोजन और न किसी पर्यटक की चहलकदमी दिखाई दे रही है.
कलाप्रेमियों में छाई मायूसी
हर साल होने वाले ताज महोत्सव का आयोजन इस बार कोरोना की बजह से रद्द कर दिया गया है, जिसके चलते कला प्रेमियों और दर्शकों में इस बार मायूसी छाई हुई है। इतने बड़े और पुराने आयोजन के न होने से पूरे देश के कलाकारों और शिल्पकारों को बड़ा झटका लगा है। आपको बता दें कि दी कला और संस्कृति के लिए अपनी अलग पहचान रखने वाले ताज महोत्सव का लोग साल भर इंतजार करते थे। शहर ही नहीं आसपास के लोग भी इस आयोजन बड़ी संख्या में हिस्सा लेते थे। ताज महोत्सव में पूरे देश से कलाकार और शिल्पी अपनी कला का प्रदर्शन करते थे। शहर के लोगों द्वारा इस आयोजन के दौरान करोड़ो रूपये की खरीदारी की जाती थी। देश भर लोग अपने अपने शहरों से सामन लेकर आते थे।
बड़े—बड़े कलाकार आते हैं
इसके अलावा आयेजन के तहत सदर, शिल्पग्राम , सूरसदन आगरा किला और मुक्ताकाशीय मंच पर रोजाना कलाकारों द्वारा रंगारंग कार्यक्रमों का आयेजन होने से लोगों का मनोरंजन होता था. कार्यक्रम में बड़े बड़े कलाकारों को सुनने के लिए हजारों की भीड़ महोत्सव में पहुचंती थी. वहीं देशी और विदेशी पर्यटक भी इस आयोजन का भरपूर आंनद लेते थे। इसके अलावा देश के सभी राज्यों के खानपान लुफ्त भी लोगों द्वारा लिया जाता था। यही कारण है की लोगों को इसका बेसब्री से इंजतार रहता था।