आगरालीक्स .(Agra News 9th June).आगरा के श्री पारस हॉस्पिटल के संचालक डॉ अरिंजय जैन पर दर्ज हुए मुकदमे में क्या है सजा का प्रावधान, डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग।
आगरा के श्री पारस हॉस्पिटल, भगवान टॉकीज के वायरल हुए वीडियो में 26 अप्रैल को पांच मिनट के लिए आक्सीजन बंद करने की बात कही गई, इसे मॉकड्रिल का नाम दिया गया। इससे 96 मरीजों में से 22 मरीजों के शरीर नीले पड गए, उस दिन 4 मरीजों की रिकॉर्ड में मौत हुई, तीन मरीजों की 27 अप्रैल को मौत हुई। हालांकि दावा किया जा रहा है कि आक्सीजन की कमी से मौत नहीं हुई है।
इन धाराओं में डॉ अरिंजय जैन के खिलाफ मुकदमा
इस मामले में डीएम प्रभु एन सिंह ने बयान जारी करते हुए कहा कि आक्सीजन खत्म नहीं हुई थी, वायरल वीडियो में डॉ अरिंजय जैन ने यह कहकर कि मोदी नगर का प्लांट ड्राई हो गया है भ्रम फैलाया, साथ ही आक्सीजन का मॉकड्रिल करने की बात कही। इस मामले में इस मामले में एसीएमओ डॉ आरके अग्निहोत्री की तहरीर पर थाना न्यू आगरा में डॉ अरिंजय जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। महामारी अधिनियम 1897 के उल्लंघन सहित धारा 188, 505, 52, 54, 3 में मुकदमा दर्ज हुआ है।
ये है सजा का प्रावधान
धारा 188 -छह महीने का कारावास या जुर्माना, लोक सेवक द्वारा दिए गए आदेश न मानना
धारा 505 -तीन साल का कारावास या आर्थिक दंड या दोनों विभिन्न समुदायों के बीच घ्रणा पैदा करने का उददेश्य
आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 52 और 54– एक वर्ष का कारावास, सरकारी योजनाओं के तहत राहत पाने के लिए गलत सूचना देना
महामारी अधिनियम की धारा 3– छह महीने का कारावास