आगरालीक्स.. (19 July)। पेगासस स्पाईवेयर का मुद्दा सोमवार को देश—विदेश में चर्चा में रहा। आसान शब्दों में जानें क्या है मामला।
इस्राइली जासूसी एप पेगासस स्पाईवेयर के जरिये भारत के कुछ मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, जज तथा करीब 40 पत्रकारों के मोबाइल हैकिंग का मामला गरमा गया है। 2019 में भी इसी सॉफ्टवेयर के जरिये जासूसी के मामले को लेकर राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ था। चालू मानसून सत्र में भी इसी मुद्दे को लेकर तीखी बहस होने की संभावना है।
डिजिटल न्यूज प्लेटफार्म द वायर ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि भारत सरकार नले 2017 से 2019 के दौरान 300 भारतीयों की जासूसी कराई। रविवार को 16 मीडिया प्लेटफार्म के जरिये यह रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। हालांकि भारत सरकार ने इसका खंडन किया है।
जानिए कौन से हैं पत्रकार
द वायर के मुताबिक, इसमें हिन्दुस्तान टाइम्स के शिशिर गुप्ता, प्रशांत झा, औरंगजेब नक्शबंदी, द वायर की रोहिणी सिंह, सिद्धार्थ वरदराजन, एमके वेणु, देवीरूपा मित्रा, स्वाति चतुर्वेदी, इंडिया टुडे के संदीन उन्नीथन, टीवी 18 के मनोज गुप्ता, इंडियन एक्सप्रेस के संशाुत सिंह,ऋतिक चोपडा, द हिंदू के विजेता सिंह, द पायनियर के जे गोपीकृष्णन, स्वतंत्र पत्रकार सैकत दत्ता, संजय श्याम, जसपाल सिंह हेरन, रूपेश कुमार सिंह, फ्रंटियर टीवी के मनोरंजन गुप्ता, द ट्रिब्यून की स्मिता शर्मा समेत 40 पत्रकारों के नाम इसमें शामिल हैं।
300 लोगों की है लिस्ट
द वायर के मुताबिक, तकरीबन तीन सौ लोगों के मोबाइल फोन हैक किए गए हैं। इसमें सुप्रीम कोर्ट के जज समेत विपक्ष के नेता, मंत्री भी शामिल हैं।
ऐसे काम करता है सॉफ्टवेयर
पेगासस स्पाइवेयर साफ्टवेयर को इजरायली कंपनी एनएसओ ने बनाया है। इसकी मदद से हैकर यूजर के स्मार्ट फोन का सभी डाटा हैक कर लेते हैं। यूजर की लोकेशन तक की जानकारी इसके माध्यम से हो जाती है। इसके अलावा मैसेज, कैमरा, माइक्रोफोन, तक की जानकारी हो जाती है। व्हाट्सएप की चैट भी हैकर हैक कर लेता है। एक बार आपके फोन में आने के बाद यह आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री को भी देख सकता है।
एक क्लिक और आपके फोन में इंस्टॉल
हैकर्स इसको टारगेट यूजर के मोबाइल फोन में इंस्टॉल कराने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाते हैं। वे यूजर के मोबाइल पर एक लिंक भेजते हैं, जैसे ही इस पर यूजर क्लिक करता है तो सॉफ्टवेयर मोबाइल में डाउनलोड हो जाता है। इसके अलावा एक मिस्ड कॉल से भी यह इंस्टॉल हो जाता है। खास बात यह है कि मिस्ड कॉल के बाद यह यूजर की कॉल लॉग से गायब हो जाता है। इससे यूजर को कोई शक नहीं होता।
फोन लॉक होने के बाद भी करता है काम
अगर यूजर का फोन में स्क्रीन लॉक हो जाता है, तब भी पेगासस स्पाईवेयर अपना काम करता रहता है। यह मोबाइल से डाटा हैक करता रहता है। यूजर की सारी जानकारियां उन तक पहुंचती रहती हैं।
नहीं होता शक
यदि पेगासस एक बार आपके मोबाइल में इंस्टॉल हो गया तो आपको पता नहीं चलेगा। यह बैटरी, इंटरनेट डाटा और मेमोरी का कम प्रयोग करता है। इससे यूजर को किसी भी तरह का कोई शक नहीं होता है।
क्या कर रहें बात, यह भी हैक
यूजर किस व्यक्ति से क्या बात कर रहा है, यह भी हैकर्स पेगासस स्पाईवेयर के जरिये जान सकता है। उसकी पूरी बात सुन सकता है।