आगरालीक्स.(Agra News 28th July). आगरा के रवि हॉस्पिटल के संचालक डॉ रवि पचौरी के खिलाफ इलाज में लापरवाही से मौत और धोखाधडी में चार्जशीट, शांतिभंग की आशंका से नहीं किया अरेस्ट।
आगरा के रवि हॉस्पिटल में 16 जुलाई 2019 को सडक हादसे में घायल फीरोजाबाद निवासी रक्षपाल सिंह यादव ने अपने बेटे लोकेंद्र को भर्ती कराया। आरोप है कि लोकेंद्र के सीने गर्दन और सिर में चोट लगी थी, इलाज के दौरान मौत हो गई।
14 अगस्त 2019 को दर्ज हुआ था मुकदमा
इस मामले में रक्षपाल यादव ने कोर्ट के माध्यम से रवि हॉस्पिटल के संचालक डॉ रवि पचौरी के खिलापफ इलाज में लापरवाही और धोखाधडी के आरोप पर मुकदमा दज किया गया। मुकदमे की विवेचना एसआई विक्रम सिंह ने की, इसके बाद विचेना एसआई अमित प्रसाद ने की।
शांतिभंग की आशंका पर नहीं किया अरेस्ट
थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार का मीडिया से कहना है कि विवेचक ने 13 जून को डॉ रवि पचौरी के खिलापफ धोखाधडी और लापरवाही से मौत के मामले में चार्जशीट लगा दी, इसमें नौ गवाह बनाए गए। एक डॉक्टर भी हैं, आरोप के मुताबिक, हॉस्पिटल में न्यूरोसर्जन नहीं था इसके बाद भी दो लाख रुपये जमा करा लिए गए, इलाज में लापरवाही से मौत हो गई। चार्जशीट में लिखा है कि डॉ रवि पचौरी आईएमए के पूर्व अध्यक्ष हैं, शांतिभंग की आशंका के चलते अरेस्ट नहीं किया गया है। कोर्ट से समन जारी कर आरोपी को तलब किया जाए।