नईदिल्लीलीक्स… भगवान श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट के बियावान जंगल में विंध्य पर्वत की चट्टान पर तपस्या करती मिली किशोरी। ऊं नमः शिवाय की गूंज।
चरवाहों ने आवाज सुनी, पुलिस को बताया

चित्रकूट के जंगल में गत दिवस कुछ चरवाहों ने विंध्य पर्वत की चट्टानों से लड़की की आवाज में ऊं नमः शिवाय मंत्र के जाप की आवाज सुनी तो वह डर गए। कुछ चरवाहों ने चट्टान पर चढ़कर देखा तो एक 15साल की किशोरी चट्टानों पर ऊं नमःशिवाय लिखकर वहीं साधना में रत थी।
किशोरी के पास शॉल व पानी का बर्तन मिला
चरवाहों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो वह भी वहां पहुंचकर दंग रह गई कि एक 15 साल की किशोरी यहां कैसे अकेले तप कर रही है।
ऊं नमः शिवाय का पीताम्बर ओढ़े हुए थी
किशोरी ऊं नमः शिवाय का पीताम्बर ओढ़े हुए थी, उसके पास एक शॉल और पानी का बर्तन था। पुलिस ने किशोरी की कई घंटे तक मान मनोव्वल की, तब जाकर किशोरी थाने जाने को तैयार हुई।
प्रयागराज की रहने वाली है किशोरी

बाद में किशोरी ने अपना नाम सिद्धि बताया और बताया कि वह प्रयागराज की रहने वाली है। पिता का नाम विष्णु और माता का नाम लक्ष्मी है।
पुलिस बोली, कुछ जानकारी मिली लेकिन पुष्टि नहीं
थाना प्रभारी गुलाब सोनकर ने बताया कि किशोरी के बारे में कुछ जानकारी तो मिली है, लेकिन पुष्टि नहीं हो पा रही है।
छह माह पहले किशोरी ने छोड़ दिया था घर
किशोरी छह माह पहले अपने घर से चली आई थी, जो पहले प्रयागराज के एक आश्रम में रहती थी. इसके बाद एक सप्ताह पहले चित्रकूट आई और रामघाट समेत कई जगहों पर घूमने के बाद बहिलपुरवा थाना क्षेत्र की ओर पहुंची है।
आसपास के जिलों में भेजी किशोरी की फोटो
पुलिस ने आसपास के थानों और अन्य जिले की पुलिस से भी किशोरी की फोटो भेजकर शिनाख्त कराने की कोशिश की है। फिलहाल किशोरी को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है।